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ज्ञान, विज्ञान एवं विचार की भाषा बने हिन्दी प्रो. भदौरिया

ज्ञान, विज्ञान एवं विचार की भाषा बने हिन्दी प्रो. भदौरिया


आज हिन्दी विभाग इलाहाबाद डिग्री कॉलेज प्रयागराज द्वारा राष्ट्रीय हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में आचार्य और सुप्रसिद्ध आलोचक संतोष भदौरिया थे। उन्होंने वर्तमान समय में भाषा और तकनीक विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने बहुत स्पष्ट कहा कि हिंदी का भला आह! वाह! से नहीं होगा! हिन्दी को ज्ञान, विज्ञान, विचार और तकनीक की भाषा बनाना होगा। हिन्दी के पास पुरानी और मजबूत संस्थाएं हैं लेकिन हिंदी के विकास के लिए उनके पास अर्थ और संसाधन नहीं है! यह एक विडंबना है। कार्यक्रम में विशेष अतिथि लब्धप्रतिष्ठित मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान थे, जिन्होंने हिंदी भाषा एवं साहित्य के जीवन में उपयोग से तनाव दूर होने पर विचार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के विधि विभाग में सहायक अध्यापक एवं हिंदी के लोकप्रिय कवि श्लेष गौतम थे, उन्होंने अपनी लोकप्रिय कविताओं से सबका मन मोह लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। हिन्दी पखवाड़ा के अवसर पर विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में विजेताओं को आज सम्मानित किया गया। हिन्दी विभाग के आचार्य एवं कुलानुशासक प्रो. मार्तण्ड सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया एवं जीवन में भाषा और हिंदी के महत्त्व को रेखांकित किया। उन्होंने तकनीक के विकास और भाषा के संबंध को रेखांकित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अतुल कुमार सिंह ने किया। अध्यक्षीय वक्तव्य में उन्होंने एक भाषा के रूप में हिंदी के प्रभाव एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नमित कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन हिन्दी विभाग के समन्वयक प्रो. संजय सिंह ने किया। कार्यक्रम में हिंदी विभाग के अलावा महाविद्यालय के शिक्षक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षणेतर कर्मचारी उपस्थित थे।

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