भगत सिंह का इंकलाब भारत के ज़र्रे ज़र्रे में गूंजता है,अमर क्रांतिकारी श्रद्धांजलि ग्रुप द्वारा भगत सिंह की जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि दी गई

अमर क्रांतिकारी श्रद्धांजलि ग्रुप द्वारा मुशी राम प्रसाद की बगिया मुट्ठीगंज में महान क्रांतिकारी भगत सिंह की 116 वीं जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया इस अवसर पर श्रद्धांजलि ग्रुप के अध्यक्ष राजेश केसरवानी भाजपा नेता कुमार नारायण, पूर्व पार्षद विजय वैश्य श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भगत सिंह सिर्फ नाम नहीं बल्कि स्वाधीनता संग्राम के क्रान्ति के विचार थे
यही कारण है उनके द्वारा दिए गए इंकलाब का नारा आज भी भारत के ज़र्रे ज़र्रे में गूंजता है। भगत सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ 116 दिन तक जेल में भूख हड़ताल रहे हैं और अंग्रेजी सरकार की हूकुमत को हिला दिया और उनके विचार नौजवान को आज भी प्रेरणा देती है जो उन्होंने कहा था क्रांति की तलवार विचारों की शान पर तेज होती है और निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार के क्रांतिकारी सोच के दो लक्षण है जो आज भी गलत के खिलाफ लड़ना सिखाती है और कहा कि 23 मार्च 1931 को भारत की आजादी के लिए भगत सिंह के द्वारा दिया गया बलिदान आजाद भारत के लिए सबसे बड़ी लकीर खींच कर गई।
श्रद्धांजलि देने वालों में
संयोजक शत्रुघ्न जायसवाल रहे संचालन अजय अग्रहरि रहे।
किशन जायसवाल,अजय अग्रहरि शत्रुघ्न जायसवाल कमलेश केसरवानी नीरज केसरवानी,सुमित केसरवानी,विजय वैश्य, बलराम जायसवाल,मनोज मिश्रा सुशील जैन,अल्का श्रीवास्तव,धुन्नू भैया पवन गुप्ता, आशीष जायसवाल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित किया।
