आत्मनिर्भरता बनाम मेरी माटी मेरा देश
आत्मनिर्भरता बनाम मेरी माटी मेरा देश
डॉ. शंकर सुवन सिंह,लेखक,
वरिष्ठ स्तम्भकार एवं विचारक
असिस्टेंट प्रोफेसर,
कृषि विश्वविद्यालय,
नैनी, प्रयागराज (यू.पी.)
अपनी मिट्टी से लगाव रखने वाला व्यक्ति ही स्वदेशी होता है। स्वदेशी होने के लिए स्वतंत्र होना जरुरी है। अतएव किसी भी देश की मिट्टी का जुड़ाव उस देश की स्वतंत्रता से होता है। देश स्वतंत्र होगा तभी हम स्वदेशी कहलाएंगे। स्वतन्त्रता को बनाए रखने के लिए स्वेदशी ,स्वावलम्बी, स्वाभिमानी और आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। हिन्दू संस्कृति में राम द्वारा किया गया आदर्श शासन रामराज्य के नाम से प्रसिद्ध है। वर्तमान समय में रामराज्य का प्रयोग सर्वोत्कृष्ट शासन या आदर्श शासन के रूप (प्रतीक) के तौर पर किया जाता है। रामराज्य, लोकतन्त्र का परिमार्जित रूप माना जा सकता है। वैश्विक स्तर पर रामराज्य की स्थापना गांधीजी की चाह थी। गांधीजी ने भारत...









