सज धज के साथ निकाली गया कर्ण घोड़े की शोभा यात्रा
सज धज के साथ निकाली गया कर्ण घोड़े की शोभा यात्रा
प्रयागराज यह परंपरा तब शुरू हुई जब लव कुश ने महर्षि वाल्मीकि के आश्रम मे भगवान श्री राम के अश्वमेध यज्ञ के अश्व को बांध लिया था यह लव कुश के असीम शक्ति और पराक्रम का प्रतीक था
संगम नगरी की सड़कों पर शोभा यात्रा निकाली गई कर्ण घोड़ा शोभा यात्रा एक पारंपरिक और धार्मिक आयोजन है जो दशहरा महोत्सव शुरुआत का प्रतीक है कर्ण घोड़ा को भगवान राम का दूत माना जाता है इसका आयोजन पथरचट्टी रामलीला कमेटी द्वारा किया जाता है इसे फूल गजरे सच्चे गोटे
रत्नों और लाइटिंग से सजाया जाता है।
शोभा यात्रा की शुरुआत हीवेट रोड स्थित राम मंदिर से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचती है वहां पर पूजा अर्चना और आरती की जाती है कर्ण घोड़ा शोभा यात्रा रामलीला शुरू होने और देखने के लिए एक आमंत्रण की तरह होता है शोभा यात्रा कोठापार्चा बहादुरगंज लोकनाथ ठठेरी बाजार...









