Wednesday, March 18Ujala LIve News
Shadow

धर्म/संस्कृति

सावन महत्व शिवलिंग की उत्पत्ति,सावन क्यों मनाया जाता है क्यों प्रिय है यह महीना?

सावन महत्व शिवलिंग की उत्पत्ति,सावन क्यों मनाया जाता है क्यों प्रिय है यह महीना?

धर्म/संस्कृति
सावन महत्व शिवलिंग की उत्पत्ति,सावन क्यों मनाया जाता है क्यों प्रिय है यह महीना?   लेख-स्वामी धरानंद,पीठाधीश्वर, मनकामेश्वर महादेव शिव पुराण के अनुसार माता सती भगवान शिव को हर जन्म में पति रूप में पाना चाहती थी माता सती के देह त्याग के बाद उन्होंने हिमालय की पुत्री पार्वती के रूप में जन्म लिया बचपन से ही शिव को अपना पति मान लिया और एक महीने घोर तपस्या की उससे भगवान शंकर प्रसन्न हुए फिर पार्वती जी ने पति रूप में उनको वर मैं मांगा तब शिव पार्वती का विवाह हुआ माता पार्वती ने जिस महीने मैं तपस्या की वह मास सावन मास था शिव इसी महीने में प्रसन्न हुए थे इस कारण यह साधना के लिए बहुत ही उपयुक्त मास है शिव इस मास प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं जो भी श्रद्धालु इस मास में शिव आराधना पूजा पाठ जलाभिषेक करता है उसको भगवान शंकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। विष्णु भगवान के शायन हो जाने के बाद...
शंकराचार्य के आह्वान पर निकली आदि विश्वेश्वर डोलीयात्रा,संतों ने प्रतापगढ़ से भरी हुंकार कहा जल्दी सुरू हो आदि विश्वेश्वर की पूजा-अर्चना

शंकराचार्य के आह्वान पर निकली आदि विश्वेश्वर डोलीयात्रा,संतों ने प्रतापगढ़ से भरी हुंकार कहा जल्दी सुरू हो आदि विश्वेश्वर की पूजा-अर्चना

धर्म/संस्कृति
शंकराचार्य के आह्वान पर निकली आदि विश्वेश्वर डोलीयात्रा,संतों ने प्रतापगढ़ से भरी हुंकार कहा जल्दी सुरू हो आदि विश्वेश्वर की पूजा-अर्चना आदि विश्वेश्वर प्रतीक पूजा एवं ग्यारह लाख शिवलिंग स्थापना काशी के (राष्ट्रीय प्रभारी) शैलेन्द्र योगीराज सरकार के नेतृत्व में एवं धर्माचार्य ओमप्रकाश पाण्डेय अनिरुद्ध रामानुजदास की अध्यक्षता में संतों ने निकाली ज्ञानवापी के वजूखाने में मिली आदि विश्वेश्वर शिवलिंग के पूजा-पाठ, राग-भोग के लिए 'आदि विश्वेश्वर डोली ' रथ यात्रा लिंग पुराण में कहा गया है कि- वरं प्राणपरित्यागः शिरसो वापी कर्तनम्। न तु असम्पूज्य भुंजीत शिवलिंगे महेश्वरम्।। शिव लिंग का अपूजित रहना महापाप है बता दे कि 16 मई 2022 सोमवार वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कोर्ट के आदेश पर सर्वेक्षण के दौरान ज्ञान वापी परिसर के वजूखाना में शिव लिंग मिला था। आज एक वर्ष से अधिक समय बीत जानें से छु...
शंकराचार्य के आह्वान पर निकलेंगी आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा,प्रतापगढ़ से संतों ने भरीं हुँकार निकालेगे आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा

शंकराचार्य के आह्वान पर निकलेंगी आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा,प्रतापगढ़ से संतों ने भरीं हुँकार निकालेगे आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा

धर्म/संस्कृति
शंकराचार्य के आह्वान पर निकलेंगी आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा,प्रतापगढ़ से संतों ने भरीं हुँकार निकालेगे आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा परमपूज्य परमाराध्य परमधर्माधीस उत्तरामनाय ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती 1008 बद्रिकाश्रम के निर्देश पर काशी के ज्ञानवापी मंदिर में प्रकट हुए आदि विश्वेश्वर भूत भावन भोलेनाथ की सांकेतिक डोली यात्रा यात्रा, पुरुषोत्तम मास कृष्ण पक्ष की की पंचमी को प्रतापगढ़ बलीपुर माँ दुर्गा मंदिर से तीन बजे से आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी शैलेन्द्र योगीराज सरकार के नेतृत्व में आदि विश्वेशर की डोली रथ यात्रा निकाली जाएगी। ज्ञानवापी में पूर्व काल में विराजमान आदि विश्वेश्वर प्रभू विश्वनाथ जिनका प्राकट्य 16 मई 2022 सोमवार वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को न्यायालय के आदेश पर कैमरे की निगरानी में माननीय न्याय...
शानो शौकत से निकला बड़ा ताजिया का आलम,अकीदत मंद देर तक आलम के दीदार को जुटे रहे

शानो शौकत से निकला बड़ा ताजिया का आलम,अकीदत मंद देर तक आलम के दीदार को जुटे रहे

धर्म/संस्कृति
शानो शौकत से निकला बड़ा ताजिया का आलम,अकीदत मंद देर तक आलम के दीदार को जुटे रहे   प्रयागराज। करबला के शहीदों की याद में माहे मोहर्रम की दो तारीख पर शुक्रवार की रात बड़ा ताजिया का आलम जुलूस शान ए शौकत से निकाला गया। इमातबाड़े से जुलूस निकलते ही या अली या हुसैन की सदाएं गूंजने लगीं। आलम के आगे मिर्जापुर से आए हुए ढोल-ताशा पार्टी के कलाकारों ने ढोल पर मातमी धुन बजाकर नौजवानों में जोश भर रहे थे। बैंड पार्टी पूरे रास्ते गमगीन नौहा पढ़ती रही। बनारस से आए शहनाई वादक गमे हुसैन की धुन बजाते हुए चले। रोड लाइट और फोकस रात में अपने जलवे बिखेर रहे थे। आलम पर हुसैन के शैदाई फूल और माला चढ़ाते रहे। औरतों ने मन्नत मांगी और फूल चढ़ाएं। बड़ी तादाद में बच्चे ई रिक्शा ट्राली पर सवार होकर या अली या हुसैन के नारे बुलंद कर रहे। पूरे रास्ते पानी शरबत, लंगर होते रहे। आलम का जुलूस बड़ा ताजिया जॉनसेनगंज, ...
पहली मोहर्रम,बिछ गई फर्श ए अज़ा-हो रही ज़िक्र ए शोहदा ए करबोबला

पहली मोहर्रम,बिछ गई फर्श ए अज़ा-हो रही ज़िक्र ए शोहदा ए करबोबला

धर्म/संस्कृति
पहली मोहर्रम,बिछ गई फर्श ए अज़ा-हो रही ज़िक्र ए शोहदा ए करबोबला माहे मोहर्रम की पहली को नवासा ए रसूल हज़रत इमाम हुसैन व अन्य 71 शहीदों की अज़ीम शहादत के चौदह सौ साल गुज़रने के बाद भी आज उस ज़िन्दा ओ जावेद को याद किया जा रहा है जिसने अपने नाना के दीन की अज़मत और बक़ा की खातिर हज को उमरे से बदल कर काबा जैसी पवित्र जगहा को खूंरेजी से महफूज़ कर करबला का रुख किया और अपने पुरे खानवादे और दोस्त अहबाब को राहें हक़ में क़ुरबान कर दिया।उसी अज़ीम कुर्बानी की याद मनाते हुए बख्शी बाज़ार इमामबाड़ा नाज़िर हुसैन में मजलिस को मौलाना आमिरुर रिज़वी ने खिताब करते हुए शहादत का ज़िक्र किया। सिलसिलेवार मजलिस की कड़ी में चक ज़ीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डिप्यूटी ज़ाहिद हुसैन में दस दिवसीय अशरे की पहली मजलिस को मौलाना रज़ी हैदर रिज़वी ने खिताब किया।बख्शी बाज़ार से भोर में शुरु हुआ मजलिस का दौर छोटी चक ,गुड़मण्डी...
धर्म/संस्कृति
जैन संत की हत्या के विरोध में सड़क पर जैन समुदाय का विरोध प्रदर्शन जबलपुर (उमा शंकर मिश्रा) कर्नाटक में जैन संत काम कुमार नंदी की निर्मम हत्या के बाद से ही जैन समाज आक्रोशित है। गुरुवार को समाज के सभी कारोबारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जैन संत की हत्या के विरोध में मौन जुलूस निकाला । यह जुलूस दिगंबर जैन पंचायत सभा, दिगंबर जैन संरक्षिणी सभा, जैन नवयुवक सभा, अखिल भारतीय दिगंबर जैन महिला परिषद, राष्ट्रीय दिगंबर जैन युवा महासंघ, आदिनाथ जैन नवयुवक समिति, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में निकाला गया है। रैली में शामिल बच्चे, महिलाए और बुजुर्ग विरोध स्वरूप हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे। यहां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को राष्ट्रपति एवं कर्नाटक के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।...
शोक के माह मोहर्रम का चांद दिखाई दिया-आज पहली मोहर्रम

शोक के माह मोहर्रम का चांद दिखाई दिया-आज पहली मोहर्रम

धर्म/संस्कृति
शोक के माह मोहर्रम का चांद दिखाई दिया-आज पहली मोहर्रम इमामबाड़ों में सज गया अलम ताबूत ताज़िया और अली असग़र का झूला,ज़ाखानों व घरों के छतों पर लहराने लगे हरे लाल और काले परचम,गम मनाने को माहे मोहर्रम का चांद आज दिखाई दिया मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में गलियों अज़ाखानों व घरों की छतों पर लाल हरे और काले परचम लहराने लगा।अज़ाखानों व इमामबाड़ो में अक़ीदत और ऐहतेराम के साथ अलम नसब कर दिए गए।वहीं ताबूत ताज़िया और छै माह के अली असग़र की निशानी झूला भी सजा कर इमामबाड़ों में रख दिया गया।महिलाओं ने सुहाग की चूड़ियां तोड़ कर काले लिबास पहन लिए वहीं ज़्यादातर पुरुष ने भी लाल गुलाबी और पीले वस्त्र को त्याग कर काले या सादे रंगों के कपड़े धारण कर लिए।दो माह और आठ दिनों तक शिया समुदाय के यहां खुशियों पर ग्रहण लग गया।अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया बख्शी बाज़ार के प्रवक्ता सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार इस ...
मोहर्रम के चाँद की तस्दीक होते ही माहे मोहर्रम का आलम निकला गया

मोहर्रम के चाँद की तस्दीक होते ही माहे मोहर्रम का आलम निकला गया

धर्म/संस्कृति
मोहर्रम के चाँद की तस्दीक होते ही माहे मोहर्रम का आलम निकला गया प्रयागराज माहे मोहर्रम के चांद का दीदार हो गया चांद के दीदार होते ही दोंदी पुर इमामबाड़ा से लल्लन नाई का आलम निकाला गया आलम के आगे, शहनाई ढोल ताशे नगाड़े पर गमे हुसैन की धुन बजाई जा रही थी हुसैन के सौदाई हाथ में झंडे आलम लेकर चल रहे थे मेहंदी पर लोग मन्नत और अकीदत के फूल चढ़ा रहे थे तीन साल के बाद आलम निकाला गया बच्चे और नौजवान में काफी जोश देखा गया या अली या हुसैन के , नारे बुलंद किए जा रहे थे आलम अपने कदीमी रास्तों को तय करते हुए बड़ा ताजिया पहुंचा शाहगंज पत्थर गली होते हुए इमामबाड़े पर रखा गयाl आलम में बच्चे ई रिक्शा ट्राली आदि पर सवार होकर या अली या हुसैन के नारे बुलंद कर रहे थे आलम के जुलूस में सिराज अहमद रियाज अहमद सरफराज अहमद मेराज अहमद इमरान अहमद नायाब उद्दीन मोइनुद्दीन समीर एजाज महबूब डाबर मोहम्मद आमिर इरशाद उल्...
अधि मास शुरू होने पर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ती नीरज तिवारी ने दशाश्वमेध घाट पर सपत्नीक गंगा की गंगा आरती

अधि मास शुरू होने पर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ती नीरज तिवारी ने दशाश्वमेध घाट पर सपत्नीक गंगा की गंगा आरती

धर्म/संस्कृति
अधि मास शुरू होने पर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ती नीरज तिवारी ने दशाश्वमेध घाट पर सपत्नीक गंगा की गंगा आरती   अनामिका चौधरी प्रदेश सचिव भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश एवं प्रांत संयोजक गंगा विचार मंच राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार ने कहा कि दशाश्वमेध घाट प्रयागराज से दूर दराज से श्रृद्धालूगण जल भरकर शिवालयों में जलाभिषेक करने जाते हैं। उन्होंने लोगों से गंगा के जल को निर्मल, अविरल बनाएं रखने में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाने में सहायक बनने का आवाहन किया। अधिवक्ता गण नगरहा मिश्रा, अवस्थी,कृष्ण कांत तिवारी, प्रदीप शुक्ला,राम जी शर्मा, शारदा त्रिपाठी तथा मधु चकहा, सतीश गुप्ता सपत्नीक,अनंत गुप्ता, सुधीर द्विवेदी, राजीव सिंह,राजू पाठक, राजेश पाठक, विजय पटेल, कैप्टन सुनील निषाद, चन्दन शुक्ला आदि के साथ अन्य श्रृद्धालुओं ने आरती किया। सायं आरती के ...
नहीं नज़र आया मोहर्रम का चांद-जुमेरात को होगी माहे मोहर्रम की पहली

नहीं नज़र आया मोहर्रम का चांद-जुमेरात को होगी माहे मोहर्रम की पहली

धर्म/संस्कृति
नहीं नज़र आया मोहर्रम का चांद-जुमेरात को होगी माहे मोहर्रम की पहली कहीं से भी चांद दिखाई देने की खबर नहीं मिली इस तरह ज़िलहिज्जा की उन्तीस को चांद नहीं दिखाई देने की सूरत में ब्रहस्पतवार 30 ज़िलहिज्जा को चांद नमुदार होने के साथ जुमेरात से मोहर्रम का आग़ाज़ होगा। अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया के प्रवक्ता सैय्यद मोहम्मद अस्करी के मुताबिक़ शिया मर्कज़ी चांद कमेटी ने मोहर्रम के चांद न होने की तस्दीक की है।वहीं सुन्नी समुदाय की ओर से भी चांद नहीं दिखाई देने का ऐलान किया गया है ऐसे में माहे मोहर्रम की पहली 20 जुलाई को और दसवीं मोहर्रम यानि आशूरा 29 जुलाई शनिवार को होगा। इस्तेक़बाल ए अज़ा के जुलूस के साथ माहे ग़म माहे अज़ा का शुरु हुआ दौर इराक़ के करबला में चौदह सौ साल पहली यज़ीदी सेना से मुक़ाबला करते हुए शहीद हुए नवासा ए रसूल हज़रत इमाम हुसैन व अन्य 71 शहीदों की याद में दो माह और आठ दि...