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धर्म/संस्कृति

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरेल में हुआ गंगा आरती का शुभारंभ

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरेल में हुआ गंगा आरती का शुभारंभ

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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरेल में हुआ गंगा आरती का शुभारंभ   नैनी. माँ गंगा सनातन सेवा समिति ट्रस्ट के द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अरेल घाट, सेल्फी प्वाइंट, नैनी में गंगा आरती का शुभारंभ किया गया। यह आरती नियमित रूप प्रतिदिन शाम को आयोजित की जाएगी। गंगा आरती के प्रथम दिन मुख्य जजमान के रूप में न्यायमूर्ति ऋचा पाठक एवं विशिष्ट अतिथि योगेश शुक्ल द्वारा विधि विधान से पूजन कर गंगा आरती का शुभारंभ किया गया। गंगा आरती के पूर्व भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या में सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी गई। गंगा तट पर 1100 दीपों को प्रज्वलित कर दीपदान किया गया। गंगा आरती के आयोजक राज मिश्रा एवं संयोजन परमार्थ प्राकृतिवेदा के निदेशक डॉ पुष्पेन्द्र सिंह तथा सह संयोजन शालिनी सिंह परिहार द्वारा किया जाएगा। संयोजक डॉ पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष पर्यंत ...
इंसानियत मोहब्बत तहजीब और अकीदत का पैगाम देने के लिए उठाया गया। ‌। बडा ताजिया

इंसानियत मोहब्बत तहजीब और अकीदत का पैगाम देने के लिए उठाया गया। ‌। बडा ताजिया

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इंसानियत मोहब्बत। तहजीब और अकीदत का पैगाम देने के लिए उठाया गया बडा ताजिया *क्या हक अदा करेगा जमाना हुसैन का* *अब तक जमीन पर कर्ज है सजदा हुसैन का* *झोली फैला के मांग लो मोमिनो* *हर दुआ कबूल करेगा दिल हुसैन का* (अकरमशगुन) प्रयागराज माहे मोहर्रम की दस तारीख को बड़ा ताजिया उठाया गया बाद नमाज जोहर तजिया उठाया गया ताजिया बड़े ताजिया में गश्त करने के बाद जॉनसेन गंज चौराहा पहुंचता है यहां पर हुसैन के शैदाइयों की भारी भीड़ होती है इस भीड को कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत करना पड़ता है हर कोई बोसा लेने फूल चढ़ाने मन्नत मांगने मन्नत की चीजे चढ़ाने के लिए बेचैन नजर आया। लाखों शहादतों के बाद हम आज यौमे आशूरा हुसैनी गम मना रहे हैं सुबह से ही बड़े ताजिए पर मन्नत के फूल चढ़ाया जा रहा था लंगर किया जा रहा था खाने पीने की चीज लोगों के हाथ में दिया जा रहा था पानी और शरबत का माकूल इंतजाम था बड़ा...
नवीं माहे मोहर्रम  झूला मासूम अली असग़र व ताबूत अली अकबर की जियारत व बोसा लेने को उमड़ पड़ा हुसैनी सैलाब

नवीं माहे मोहर्रम झूला मासूम अली असग़र व ताबूत अली अकबर की जियारत व बोसा लेने को उमड़ पड़ा हुसैनी सैलाब

धर्म/संस्कृति
नवीं माहे मोहर्रम झूला मासूम अली असग़र व ताबूत अली अकबर की जियारत व बोसा लेने को उमड़ पड़ा हुसैनी सैलाब """"""मासूम अली असग़र के झूले और ताबूत ए अली अकबर की ज़ियारत को उमड़ा अक़ीदतमन्दों का सैलाब"""""" """""अक़ीदत के फूल चढ़ाने और बोसा लेने को बेताब रहे अज़ादार""""" करबला में हक़ और बातिल की जंग को चौदह सौ साल गुज़रने के बाद भी आज तक हुसैन ए मज़लूम के चाहने वाले अश्क बहा कर मजलिस मातम और शहादत का बयान कर रहे हैं। मोहर्रम के चांद के दीदार से शुरु हुआ ग़म का सिलसिला आज माहे मोहर्रम की नवीं को भी शिद्दत से याद किया गया।चक ज़ीरो रोड स्थित इमामबाड़ा डिप्यूटी ज़ाहिद हुसैन में नवीं मोहर्रम की मजलिस को मौलाना सैय्यद रज़ी हैदर रिज़वी साहब क़िब्ला ने खिताब करते हुए इमाम हुसैन के फरज़न्द हम शक्ले पैयम्बर हज़रत अली अकबर और छै माह के हज़रत मासूम अली असग़र की शहादत का ज़िक्र किया तो हर तरफ ...
मासूम अली असगर का चांदी का झूला बड़े अदब एहतराम अकीदत के साथ उठाया गया

मासूम अली असगर का चांदी का झूला बड़े अदब एहतराम अकीदत के साथ उठाया गया

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मासूम अली असगर का चांदी का झूला बड़े अदब एहतराम अकीदत के साथ उठाया गया *खूने जिगरे फातिमा असगर का झूला है* *यह झूला है हुसैन का हैदर का झूला है* *कंधा लगाओ इसमें अकीत से दोस्तों* *निकला रसूले पाक के दिलबर का झूला है* *मासूम सकीना के आंसू जैनब का कुतबा बोलेगा* *कासिम के हाथों की मेहंदी असगर का झूला बोलेगा* प्रयागराज मासूम अली असगर का ऐतिहासिक झूला चक रौजा से उठा, जिसे फूलों से सजाया गया है गौस माली ने अपनी कारीगरी से झूले में फूलों से खूबसूरती कोनिखारा है चांदी के झूले के साथ सोने का पंजा भी लगाया गया । यह जुलूस बहादुरगंज, जी.टी. रोड, बतासा मंडी, गुड़ मंडी, लोकनाथ, कोतवाली, बजाजा पट्टी, घंटाघर, सब्जी मंडी और गढ़ी सराय होते हुए अपने कदीमी रास्ते तय करता हुआ मासूम अली असगर के इमामबाड़े पर रखा गया। इस ऐतिहासिक झूले की जियारत के लिए शिया, सुन्नी, हिंदू और मुस्लिम समाज के लाखों...
मोहर्रम की 9वीं तारीख पर दरियाबाद से निकली दो रजिस्टर मेहंदियां

मोहर्रम की 9वीं तारीख पर दरियाबाद से निकली दो रजिस्टर मेहंदियां

धर्म/संस्कृति
मोहर्रम की 9वीं तारीख पर दरियाबाद से निकली दो रजिस्टर मेहंदियां श्रद्धा और परंपरा से सजी मेंहदियों ने अकीदतमंदों का दिल जीता, 11 किलो चांदी से जड़ा झूला बना आकर्षण का केंद्र   प्रयागराज। मोहर्रम की 9वीं तारीख शनिवार को दरियाबाद मोहल्ले में गम, श्रद्धा और परंपरा देखने को मिला। इस मौके पर दरियाबाद के दो अलग-अलग इमामबाड़ों से रजिस्टर मेहंदी जुलूस निकाले गए। ये मेहंदी जुलूस समयबद्ध और सलीके से अपने-अपने मार्गों से होकर इमामबाडे तक पहुँचा । मोहम्मद महबूब दावर और दुलारे खाँ की अगुवाई में निकली ये मेहंदियां अकीदतमंदों की गहरी आस्था और हुसैनी मोहब्बत की गवाही दे रही थीं। पहली रजिस्टर मेहंदी दरियाबाद के कुरेशनगर स्थित इमामबाड़ा से निकाली गई, जिसकी अगुवाई तजियादार मोहम्मद महबूब दावर ने की। इस मेहंदी को खास तरीके से सजाया गया था। कारीगरों ने गजब की खूबसूरती और बारीकी से सजावट की थी...
कर्बला के शहीदों की याद में उठाई गई गुल्लू पहलवान की मेहंदी

कर्बला के शहीदों की याद में उठाई गई गुल्लू पहलवान की मेहंदी

धर्म/संस्कृति
कर्बला के शहीदों की याद में उठाई गई गुल्लू पहलवान की मेहंदी *दिल को ये ऐतबार दिलाया हुसैन ने* *ग़म में भी मुस्कुराना सिखाया हुसैन ने* *फैली है जिसकी रौशनी सारे जहान मे* *वो शम्मा करबला में जलाया हुसैन ने* प्रयागराज माहे मोहर्रम की सात:तारीख इस्लामे हिंद सब्जी मंडी ( राईन नगर) से गुल्लू पहलवान की मेहंदी उठाई गई मेहंदी को बहुत ही शानदार तरीके से सजाया गया है मेहंदी को सजाने वाले गौस माली ने बताया इस मेहंदी को हमने तीन बड़ी मस्जिदों के सामने की डिजाइन से लेकर तैयार किया है इस मेहंदी की साइज और मेहंदियों से ज्यादा है लाल सफेद फूलों से सजाया गया है कारीगरों ने फूल को ऐसा लगाया है फूल नहीं मानो जैसे नगीना जडा गया हो मेहंदी उठने से पहले गौस माली को इनाम मिलने लगे थे इसी से पता चलता है की मेहंदी कितनी खूबसूरत बनाई गई है। देर रात या अली या हुसैन के बुलंद नारे लगाते हैं और नौजवानों में...
*हुसैन के चाहने वालों को जियारत के लिए उठाया गया बड़े ताजिया का अलम

*हुसैन के चाहने वालों को जियारत के लिए उठाया गया बड़े ताजिया का अलम

धर्म/संस्कृति
*हुसैन के चाहने वालों को जियारत के लिए उठाया गया बड़े ताजिया का अलम* प्रयागराज माहे मोहर्रम की 2 तारीख को बड़े ताजिया का अलम उठाया गया ईशा की नमाज के बाद फतिया हुई नगाड़ा बजाया गया या अली या हुसैन के साथ अलम उठ जाता है बड़े ताजिया से अलम उठकर जॉनसेन गंज चौराहा पहुंचता है बनारस से आए हुए शहनाई वादक ने‌ मतिमी धुन बजाया सभी की आंखें नम हो गई वाराणसी से आए हुए ढोल ताशा पार्टी ने अपने करतब दिखाये एवंन उस बैंड पर नोहा पढ़ा गया जिसका रिहर्सल महीनो से हो रहा था जो माहौल को और भी गमगीन बना रहा था।अलम पर औरतें फूल माला चढ़कर मन्नते मांग रही थी बच्चों को बोशा कराया जा रहा था शहर उत्तरी के लोकप्रिय विधायक हर्षवर्धन बाजपेई भी अलम में शामिल हुए उन्होंने कहा हुसैन सबके हैं उनकी शहादत को सभी को अपने जीवन में उतरना चाहिए बच्चे ई रिक्शा से सवार होकर या अली या हुसैन का नारा बुलंद कर रहे थे हुसैन के चाहने ...
माहे मोहर्रम का बज गया नगाड़ा,लल्लन नाई का अलम उठा

माहे मोहर्रम का बज गया नगाड़ा,लल्लन नाई का अलम उठा

धर्म/संस्कृति
माहे मोहर्रम का बज गया नगाड़ा,लल्लन नाई का अलम उठा   प्रयागराज. [तारीख] चांद रात – मोहर्रम के पाक महीने की शुरुआत के साथ ही इलाहाबाद की ऐतिहासिक मोहर्रम कमेटी के पहले जुलूस का भव्य आगाज़ हुआ। यह जुलूस लल्लन नाई के इमामबाड़े से चाँद रात को अपनी पूरी शानो-शौकत के साथ रवाना हुआ। ढोल ताशा पार्टी डीजे शहनाई पर मातमी धुन बज रहे थे बच्चे ई रिक्शा पर सवार होकर या अली या हुसैन का नारा बुलंद कर रहे थे अलम पर औरतें अकीदत के फूल चढ़ाकर मन्नते मांग रही थी। जुलूस ने अपने पारंपरिक कदीमी रास्तों से गुज़रते हुए मुहल्ला दोंदीपुर, सुनारी गली, पांचो कब्र, कांडजु रोड, मौर्या होटल, दोंदीपुर मैदान, बरनताला, शाहनूर अली गंज, सब्जी मंडी, लतीफ मार्केट चौराहा, घंटा घर, बजाजा पट्टी, कोतवाली, सिवई मंडी, और पत्थर गली से होता हुआ पुनः लल्लन नाई इमामबाड़े पर पहुंच कर संपन्न हुआ। इस अवसर पर अकीदतमंदों की...
देश में वक्फ बोर्ड को निरस्त किया जाए, जिससे धार्मिक संतुलन बना रहे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाए-जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज

देश में वक्फ बोर्ड को निरस्त किया जाए, जिससे धार्मिक संतुलन बना रहे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाए-जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज

धर्म/संस्कृति
देश में वक्फ बोर्ड को निरस्त किया जाए, जिससे धार्मिक संतुलन बना रहे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाए-जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज डॉ. अभिषेक वर्मा (मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक – शिवसेना, एनडीए गठबंधन एवं चुनाव) के नई दिल्ली स्थित निवास पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज का पावन आगमन हुआ। उनके दिव्य सान्निध्य से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। डॉ. वर्मा की पत्नी श्रीमती अंका वर्मा, पुत्र युवराज आदितेश्वर वर्मा एवं पुत्री कुमारी निकोल वर्मा को शंकराचार्य जी से विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुए। इस अवसर पर सनातन धर्म की रक्षा एवं प्रसार को लेकर एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श आयोजित किया गया। वैदिक विधि से विशेष पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई, जिसके उपरांत शंकराचार्य जी ने कहा: “डॉ. अभिषेक वर्मा जैसे राष्ट्रनिष्ठ एवं धर्मपरायण व्यक्तित्व ज...
कल्कि धाम देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक- अभिषेक वर्मा

कल्कि धाम देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक- अभिषेक वर्मा

धर्म/संस्कृति
कल्कि धाम देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक- अभिषेक वर्मा संभल- आज कल्कि धाम में शीला दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें शिवसेना के वरिष्ठ नेता अभिषेक वर्मा सपरिवार शामिल हुए और अपनी पुज्य माता जी के नाम पर शीला दान किया और पुज्य शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी महाराज और कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम जी महाराज का आशीर्वाद लिया । इस अवसर पर बोलते हुए अभिषेक वर्मा ने बोला कि आज का दिन मेरे जीवन के उन दुर्लभ, दिव्य और ऐतिहासिक पलों में से है जिसे शब्दों में बाँधना कठिन है। हम सब यहाँ एक ऐसे महायज्ञ के प्रारंभिक क्षण के साक्षी बन रहे हैं, जिसका उद्देश्य केवल ईंट, पत्थर और संरचना का निर्माण नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक पुनर्जागरण का संदेश है, एक ऐसी चेतना का उद्घोष है जो धर्म, न्याय और सत्य के अवतार, भगवान श्री कल्कि को समर्पित है। हिंदू धर्म के अनुसार, जब धरती पर अधर्म...