यौमे इमाम ए हसन पर अन्जुमनों ने पढ़े नौहे-तबल बजते ही हुसैनिया क़दीम ने ज़न्जीरों से कि पुश्तज़नी
यौमे इमाम ए हसन पर अन्जुमनों ने पढ़े नौहे-तबल बजते ही हुसैनिया क़दीम ने ज़न्जीरों से कि पुश्तज़नी
दो माह और आठ दिनों के ग़म के दिनों में अब मात्र ७ दिन और शेष रह गए हैं। रविवार को माहे रबी उल अव्वल के चांद की तसदीक़ हो गई ऐसे में अब चंद दिन ही माहे अज़ा के बचे हैं।मजलिस मातम शब्बेदारी और जुलूस निकाले जा रहे हैं।इसी क्रम में दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा अरब अली खां में यौमे इमाम ए हसन की शहादत के सिलसिले में रात भर अन्जुमनों ने नौहे पढ़ें तो आयोजक अन्जुमन हुसैनिया क़दीम ने तबल की आवाज़ पर तेज़ धार की छूरीयों से पुश्तज़नी कर अपने आप को लहूलुहान कर लिया। ज़ाकिर ए अहलेबैत अशरफ अब्बास खां (पप्पे खां)ने पुरदर्द शहादत ए इमाम ए हसन पर तक़रीर की इमामबाड़े की लाईटों को बुझा कर ताबूत ए हसन ए मुज्तबा निकाला गया।इससे पहले नजीब इलाहाबादी के संचालन में शहर की मशहूर ओ मारुफ अन्जुमनों ने नौहे पढ़े...









