इंसानियत मोहब्बत। तहजीब और अकीदत का पैगाम देने के लिए उठाया गया बडा ताजिया
*क्या हक अदा करेगा जमाना हुसैन का*
*अब तक जमीन पर कर्ज है सजदा हुसैन का*
*झोली फैला के मांग लो मोमिनो*
*हर दुआ कबूल करेगा दिल हुसैन का*
(अकरमशगुन)
प्रयागराज माहे मोहर्रम की दस तारीख को बड़ा ताजिया उठाया गया बाद नमाज जोहर तजिया उठाया गया ताजिया बड़े ताजिया में गश्त करने के बाद जॉनसेन गंज चौराहा पहुंचता है यहां पर हुसैन के शैदाइयों की भारी भीड़ होती है इस भीड को कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत करना पड़ता है हर कोई बोसा लेने फूल चढ़ाने मन्नत मांगने मन्नत की चीजे चढ़ाने के लिए बेचैन नजर आया।
लाखों शहादतों के बाद हम आज यौमे आशूरा हुसैनी गम मना रहे हैं सुबह से ही बड़े ताजिए पर मन्नत के फूल चढ़ाया जा रहा था लंगर किया जा रहा था खाने पीने की चीज लोगों के हाथ में दिया जा रहा था पानी और शरबत का माकूल इंतजाम था बड़ा ताजिया जॉनसेन गंज होते हुए चौक घंटाघर कोतवाली पहुंचता है हुसैनी जन सैलाब बादलों की तरह छा जाता है या अली या हुसैन के बुलंद नारे लग रहे थे औरतों और बच्चे छतों बरजो और मकानों में अपनी जगह पहले से बना रखी थी हर कोई ताजिया का दीदार करने के लिए बेचैन था हुसैन के शैदाइयों के हाथ में या अली या हुसैन के परचम थे देश का तिरंगा भी लहराया जा रहा था लाउडस्पीकर पर दर्द भरे नौहे बजाया जा रहे थे जो माहौल को और भी गमगीन बना रहे थे बड़ा ताजिया शाहगंज थाना पहुंचता है यहां पर हुसैन के चाहाने वालों का हुजूर उमड
पड़ता है हर कोई बड़ा ताजिया को अपने मोबाइल और कमरे में यादे हुसैन रखना चाहता था । सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे रैपिड एक्शन फोर्स पुलिस के जवान ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी आला अधिकारियों की मौजूदगी थी कंधा देने वालों पर पानी गुलाबजल केवड़ा की बौछारें डाली जा रही थी कंधा देने वालो में ताजगी बनी रहे डॉक्टरों की टीम पूरे रास्ते कंधा देने वालों को लगी चोट का इलाज कर रहे थे बड़ा ताजिया खुल्दाबाद पहुंच चुका होता है इस बीच बुड्ढा ताजिया कर्बला पहुंच चुका होता है बड़ा ताजिया भी धीरे-धीरे अपने मंजिले मकसूद की तरफ बढ़ रहा था शाम हो चुकी थी अंधेरा हो रहा था मगर हुसैन के शैदाइ हिलने का नाम नहीं ले रहे थे रात हो चुकी थी हुसैन के चाहने वालों ने नम आंखों से ताजिया के फूल को कर्बला में ठंडा किया। हुसैन जिंदाबाद हुसैन जिंदाबाद वह कल भी जिंदाबाद थे अब भी जिंदाबाद हैं दिने इस्लाम जिंदाबाद।
बड़े ताजिया के अध्यक्ष रेहान खान सचिव इमरान खान झूला कमेटी के गुलाम मोहम्मद बुड्ढा ताजिया के मोहम्मद शमीम अकरम शगुन प्रशासन पुलिस प्रशासन बिजली विभाग नगर निगम जल संस्थान को मोहर्रम सकुशल संपन्न करने के लिए धन्यवाद कहा है जय हिंद
डीसीपी सिटी अभिषेक भारती, डीसीपी गंगा नगर कुलदीप गुणावत, डीसीपी यमुना नगर विवेक चंद सुरक्षा इंतजाम संभाले रहे।पुराने शहर में यातायात प्रतिबंधित के साथ ही रूट डायवर्जन लागू हुआ।

