बनारस की कवयित्री आकांक्षा पाण्डेय अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर ” अंतर्राष्ट्रीय हिंदी मित्र सम्मान ” से हुई सम्मानित

श्री पशुपति नाथ धाम, काठमांडू/भोपाल (न्यूज डेस्क) सितंबर 27 । आज विश्व भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाया गया है। इसी तरह नेपाल की पवित्र भूमि में पर्यटन विकास के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में वाराणसी की युवा कवयित्री आकांक्षा पाण्डेय को सम्मानित किया गया है। शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा आयोजित नेपाल भारत बीच मैत्रीपूर्ण धार्मिक पर्यटन विकास संगोष्ठी में आकांक्षा को सम्मानित किया गया है। नेपाल के धार्मिक स्थलों का वैश्विक स्तर पर प्रचार प्रसार करने, जनकपुर धाम तथा अयोध्या धाम धार्मिक सर्किट के बारे में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार प्रसार करने, देश विदेश की हिंदी कवयित्रियों को प्रोत्साहित करने, तथा देवनागरी लिपि के संरक्षण संवर्द्धन के उद्देश्य से आयोजित इस संगोष्ठी में आकांक्षा पाण्डेय को अंतर्राष्ट्रीय हिंदी मित्र सम्मान से प्रशस्ति पत्र सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया है। आकांक्षा ने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से पूरी की और वर्तमान में शोधकार्य केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान से कर रही हैं तथा कविता और कहानी के लेखन में रूचि रखती हैं संगोष्ठी में बोलते हुए संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा – नेपाल भारत का मैत्री सम्बंध युगों युगों से रहा है आज रोटी बेटी का सम्बन्ध प्रगाढ़ होता गया है। विश्व के सभी लोगों को अपने जीवन में एक बार नेपाल अवश्य आना चाहिए नेपाल के रमणीय स्थल पर्यटकों का मन मोह लेंगे। पशुपति नाथ के दर्शन से व्यक्ति को कभी पशु योनि में जन्म नहीं लेना पड़ता है। संस्था की वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ मंजू खरे, दतिया ने कहा – आकांक्षा पाण्डेय जैसी आज देश की महिलाएं बहुत श्रेष्ठ सृजन कर रही हैं उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को जिले स्तर पर एक कोष की स्थापना कर अग्रज तथा नवोदित सर्जकों के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। आज संगोष्ठी के मौके पर 121 कवयित्रियों को प्रोत्साहित करने हेतु सम्मानित किया गया है। सम्मानित की गई सभी कवयित्रियों की उत्कृष्ट कविता, फोटो तथा विस्तृत परिचय का प्रकाशन ऐतिहासिक महत्व के गौरवशाली अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ग्रन्थ 21 वीं सदी की हिंदी कवयित्रियाँ में प्रकाशन किया जायेगा। आकांक्षा पाण्डेय कहती है- जहां आज की दुनिया में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच साहित्यकार अपनी पहचान बनाने के लिए प्रयासरत हैं, वहीं शब्द प्रतिभा संस्थागत रूप में देश-विदेश के कवि, लेखक और साहित्यकारों को अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान कर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता आया है। आभार व्यक्त करती हूं आनन्द गिरि मायालु का जिन्होंने इस संस्था को जन्म दिया। शब्द प्रतिभा का यह प्रवाह निरंतर आगे बढ़ता रहे शुभकामना प्रदान करती हूं।
