काव्य सृजन में उल्लेखनीय योगदान के लिए आकांक्षा पाण्डेय को मिला विश्व काव्य रत्न मानद उपाधि सम्मान

जनकपुर धाम/नई दिल्ली, 30 सितंबर। अनुवादकों और भाषा विशेषज्ञों के कार्य को सम्मानित करने और विश्वभर में आपसी संवाद, सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आज के दिन विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर मनाया जाता है। आज इस अवसर पर नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा नेपाली तथा हिंदी साहित्य अनुवाद में भविष्य की संभावना संगोष्ठी का आयोजन कर नेपाली तथा हिंदी भाषा के साहित्य को अनुवाद कर प्रकाशित करने पर जोर दिया गया है। हिंदी भाषा के वैश्विक स्तर पर प्रचार प्रसार, देवनागरी लिपि के संरक्षण, नेपाल भारत मैत्री विकास, नेपाली हिंदी भाषिक साहित्य अनुवाद तथा साहित्यिक प्रतिभा प्रोत्साहन करने के उद्देश्य से आयोजित संगोष्ठी में हिंदी काव्य सृजन में उल्लेखनीय योगदान के लिए 121 कवयित्रियों को विश्व काव्य रत्न मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया है। सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा – महिला सर्जकों द्वारा उत्कृष्ट साहित्य का सृजन किया जा रहा है। संस्था आज सैकड़ों कवयित्रियों को एक साथ सम्मानित करते हुए स्वयं गौरवान्वित महसूस करती है। घर परिवार की जिम्मेवारी, नौकरी साथ में साहित्य सृजन करना कठिन तथा प्रशंसनीय कार्य है। महिला सर्जकों के लिए राज्य द्वारा विभिन्न योजनाओं का निर्माण कर आर्थिक लाभ देने की आवश्यकता है । ज्ञात हो कि आज सम्मानित सभी कवयित्रियों को विश्व पर्यटन स्थल पर अंतर्राष्ट्रीय हिंदी मित्र सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। सभी कवयित्रियों का छाया चित्र सहित विस्तृत साहित्यिक परिचय तथा उत्कृष्ट कविता का प्रकाशन ऐतिहासिक महत्व की गौरवशाली संग्रहणीय स्तर पर 21वीं सदी की हिंदी कवयित्रियाँ ग्रन्थ में प्रकाशित किया जाएगा।
सम्मान ग्रहण करते हुए उन्नाव की वरिष्ठ कवयित्री तथा शिक्षिका डॉ. रानी शुक्ला कादंबरी ने कहा – शब्द प्रतिभा हम सभी कवि/कवयित्रियों में साहित्य सृजन के लिए ऊर्जा भरने का काम करती आई है। संस्था आज देश विदेश में अपना नाम कमा चुकी है। शब्द प्रतिभा द्वारा प्रदानित प्रशस्ति पत्र सर्टिफिकेट से आज लोगों की पदोन्नति तक हो रही है।
