देश के प्रत्येक हिस्से में संघ के स्वयंसेवक समाज निर्माण एवं भारत भक्ति में निभा रहे सक्रिय भूमिका= अनिल जी

श्रीराम नगर की यूनाइटेड बस्ती की हनुमान शाखा का विजयादशमी उत्सव आयोजित
क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने कहा, आज नागालैंड जैसे राज्य में निकल रही तिरंगा यात्रा और भारत माता की जय का हो रहा जयघोष
प्रयागराज। भारत के कोने कोने में संघ के स्वयंसेवकों का कार्य दिखाई दे रहा है। यह संघ के सौ वर्षों की तपस्या का ही परिणाम है। बड़े सौभाग्य की बात है कि पूर्वजों ने उत्सव और परंपराओं की जो धरोहर सौंपी है, उसी वजह से आज हजारों वर्षों की चुनौतियों के बावजूद भारत की संस्कृति और पहचान जीवंत है। यह बातें गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने श्रीराम नगर की यूनाइटेड बस्ती की हनुमान शाखा (ग्राम बजहा) में आयोजित विजयादशमी उत्सव में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य वक्ता के रूप में कहीं। उन्होंने कहा कि रावण दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि यह समाज को चरित्र की महानता का संदेश भी देता है। व्यक्ति चाहे कितना भी सक्षम हो, चरित्रहीनता उसे अस्वीकार्य बना देती है।
संघ का प्रयास यही रहा है कि भारत के हर नागरिक के भीतर भारत भक्ति का भाव जगे। यही पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्यों का पालन एवं स्वबोध संघ के शताब्दी संकल्प का आधार है। संगठन और समाज की सुरक्षा ही राष्ट्र की एकता, आत्मनिर्भरता और वैभव का मूल है। क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के सामाजिक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा
एक समय नागालैंड जैसे राज्य जहां के लोग खुद को भारत से अलग मानते थे। आज वहां की धरती पर तिरंगा यात्रा और भारत माता की जय के जयघोष हो रहे हैं। भारत पाकिस्तान के क्रिकेट मैच में भी भारत भक्ति की भावना खुले मन से प्रकट होती है। उन्होंने कहा कि सौ वर्षों के संघ कार्य का ही परिणाम है कि आज देश के प्रत्येक हिस्से में संघ के स्वयंसेवक समाज निर्माण एवं भारत भक्ति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। संघ के ऐतिहासिक संघर्ष और योगदान की चर्चा करते हुए क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने कहा कि एक समय लोग अपने आपको हिंदू कहने में संकोच करते थे, आज गर्व से कहते हैं। केरल जैसे राज्यों में अनेक चुनौतियों के बावजूद संघ कार्यकर्ताओं ने कार्य की बहु विस्तार श्रृंखला स्थापित की है। हजारों स्वयंसेवकों ने संघ की विचारधारा एवं समाज सेवा के लिए त्याग व बलिदान दिया है। विजयादशमी उत्सव का आयोजन भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रवाद एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए समर्पित था। ताकि संघ के राष्ट्र प्रथम के मंत्र को गांव गांव तक पहुंचाया जा सके। इस मौके पर मुख्य वक्ता अनिल जी ने शस्त्र पूजन भी किया। विभाग प्रचार प्रमुख वसु ने बताया कि कार्यक्रम में मंच पर भाग संघचालक मिल्कियत सिंह बाजवा, श्रीराम नगर के संघचालक सुरेंद्र मौजूद रहे। संचालन नगर कार्यवाह संदीप ने किया। इस अवसर पर विभाग प्रचारक सुबंधु, विभाग कार्यवाह डा संजय, भाग प्रचारक डा देवदत्त, भाग कार्यवाह मनोज, सह भाग कार्यवाह वीरेंद्र, नगर प्रचारक आशीष, आनंद, मनोज, विवेक और लगभग तीन कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
