राष्ट्रीय नाट्य योजना के तहत सफेद लकीर का भावपूर्ण मंचन किया गया

तथ्यों और कल्पना के मेल से तैयार सफेद लकीर, रानावि सिक्किम रंगमंडल के कलाकारों द्वारा नशीली दवाओं की लत में फंसे युवाओं और उनके पुनर्वास शोध पर किए गए शोध पर आधारित नाट्य प्रस्तुति है। जिसका मंचन उत्त्र मध्य सांस्कृतिक केद्र प्रेक्षागृह में आज दिनांक 30 जुलाई 2022 को किया गया। नाट्क में डॉ मल्लिका सिंह नामक पात्र किसी टस्ट द्वारा संचालित पुनर्वास केंद्र की निदेशक हैं पेशे से मनोचिकित्सक मल्लिका बहुत ही सरल मिजाज की महिला हैं और अपना काम ईमानदारी के साथ करती हैं और हमेशा पुनर्वास केंद्र में आए तथा नशे की लत फंसे लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में चिंतित रहती हैं। वह पिछले पांच साल से इन लोगों के जीवन के बेहतरी के लिए काम कर रही हैं मरीजों के इलाज का उनका एक अलग ही तरीका है और वह उन्हें वापस सामान्य स्थिति में लाने के लिए लगातार प्रयासरत रहती हैं।
डग्स एक अजीब नशा है इसे करने वाल व्यक्ति समाज से अपने को अलग पाता है समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं जो कई प्रकार के यहां तक कि नशली दवाओं से नशे करते हैं। सफेद लकीर अतीत, वर्तमान और स्वयं के साथ द्वंद और संघर्षों के बीच की कहानी है। नाटक में यह भी दिखाया गया है कि कैसे कोई क्रियाशाील व्यक्ति नशे के लत में पड़ जाने से कैसे अपनी जिंदगी बर्बाद कर देता है।
नाटक के पात्रों जैसे अर्जुन ,पुरू, सामतेन व अन्य की अपनी- अपनी कहानियां हैं जो धीरे-धीरे खुलती हैं।
नाटक में मल्लिका, तुहिना, अशोक, सामतेन, अर्जुन , पुरू, उर्मिला, निर्मल, सुमित, किरण, प्रोफेसर आदि कलाकारों ने मंचन किया।
नाटक के समापन में केंद्र के निदेशक प्रो0 सुरेश शर्मा नाटक के समापन में केंद्र निदेशक प्रो0 सुरेश शर्मा द्वारा नाटक के निर्देशक विपिन कुमार को पुष्प गुच्छ भेंट कर व अंगवस्त्र से सम्मानित कर प्रेक्षागृह में उपस्थित सभी नाट्य प्रेमियों व राष्टीय नाट्य विद्यालय सिक्किम रंगमंडल का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।
