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चतुर्थ वैश्विक सम्मेलन बाली में शास्त्र एवं नृत्य कला की गूंज 

चतुर्थ वैश्विक सम्मेलन बाली में शास्त्र एवं नृत्य कला की गूंज 

 

चतुर्थ वैश्विक संस्कृत सम्मेलन 14 से 16 अक्टूबर 2025 बाली (इण्डोनेशिया) में , ग्लोबल संस्कृत फोरम, भारत; आई.जी.बी. सुग्रीवा हिन्दू विश्वविद्यालय, देनपासार; तथा यायासन धर्म स्थापनाम, बाली, — के संयुक्त तत्वावधान में त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के रूप में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इसमें प्रयागराज सेडॉक्टर दीप्ति विष्णु ,असिस्टेंट प्रोफेसर ,सी एम पी डिग्री कॉलेज, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने आमंत्रित वक्ता के रूप में” नाट्यशास्त्र -समृद्धि सांस्कृतिक विरासत का ग्रंथ”पर अपना व्याख्यान दिया। एवं अनेक श्रेष्ठ गुरुजनों, गणमान्य अतिथियों, आश्रमवासियो एवं वहां के स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में सायंकालीन सांस्कृतिक संध्या में “श्री रामस्तुति ” पर नृत्य प्रस्तुति द्वारा सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भारत से बाहर विदेश की भूमि पर प्रस्तुत यह नृत्य भारत और बाली की सांस्कृतिक संवेदना अध्यात्म एवं कला का सुंदर संगम सिद्ध हुआ। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में कुलपति
प्रोफेसर मुरली मनोहर पाठक , ग्लोबल संस्कृत फोरम के अंतरराष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर राजेश मिश्र, सुग्रीव हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति रेक्टर आई गुश्ति न्युग्राह सुदियाना, प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह, डॉ बालमुकुंदपांडे, श्री नवीन मेघवाल, श ,डॉ शशांक विक्रम (काउंसिल जनरल ऑफ़ इंडिया,) डॉ एस धरम्यासा ,डॉक्टर ब्रह्मदेव राम त्रिपाठी, आदि उपस्थित थे। भारत की 65 आचार्य एवं गुरुजनों सहित सुग्रीव विश्वविद्यालय के कुछ आचार्यों ने भी अपने विचार रखे। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अजय प्रकाश खरे जी ने डॉक्टर दीप्ति की इस उपलब्धि को गौरवपूर्ण एवं प्रेरणास्पद कहा है जिससे महाविद्यालय के साथ प्रयागराज नगर का गौरव भी बढ़ा है।

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