माँ नर्मदा के घाट सरयू की तर्ज पर होंगे विकसित – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे भूमि पूजन


उजाला लाइव/जबलपुर
उमा शंकर मिश्रा
जबलपुर:
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में जबलपुर के माँ नर्मदा घाटों का विकास सरयू की तर्ज पर किया जाएगा। इसके तहत खारीघाट, दरोगा घाट, ग्वारीघाट, उमा घाट, सिद्धघाट एवं जिलहरी घाट को जोड़कर एकरूपता दी जाएगी।
श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान घाटों पर भीड़, यातायात अव्यवस्था और स्वच्छता की समस्याओं को देखते हुए यह विकास कार्य अत्यावश्यक है। घाटों पर स्नान, पूजा और ध्यान की सुविधा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पर्यावरणीय संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रस्तावित योजना के अनुसार खारी घाट पर जलकुंड, चेंजिंग रूम, तीर्थ पुरोहितों के बैठने की व्यवस्था और नाव घाट बनाए जाएंगे। दरोगा घाट पर म्युरल्स के माध्यम से माँ नर्मदा की गाथा चित्रित होगी तथा संध्या आरती के लिए पाँच भव्य मंच निर्मित किए जाएंगे। गौरीघाट क्षेत्र में 800 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा चैनल बनाया जाएगा, जिससे मुख्य धारा को प्रदूषण-मुक्त रखते हुए श्रद्धालुओं के स्नान व पूजन की स्वच्छ व्यवस्था हो सकेगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पाँच पार्किंग स्थल (900 दोपहिया व 700 चारपहिया वाहनों हेतु) बनाए जाएंगे। घाटों को जोड़ने वाले मार्ग पर ई-कार्ट सेवा, छायादार वृक्ष, स्थायी दुकानें और स्वागत द्वार निर्मित किए जाएंगे।
पूरा विकास कार्य पर्यावरण अनुकूल रहेगा — घाटों पर सौर ऊर्जा आधारित LED लाइटें, अंडरग्राउंड ड्रेनेज, एंटी-स्किड पत्थर और वॉटर जेट सफाई प्रणाली लगाई जाएगी। साथ ही गौरीघाट मुक्तिधाम को भी व्यवस्थित मोक्षधाम का स्वरूप दिया जाएगा।
श्री सिंह ने कहा, “यह माँ नर्मदा की सेवा का पुण्य अवसर है — आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संगम।”
