सेमिनार 2025: तनाव, समय और ध्यान प्रबंधन की कला”को सीखा छात्रों ने
“तनाव के विरुद्ध सबसे बड़ा हथियार एक विचार को दूसरे पर चुनने की हमारी क्षमता है।”
— विलियम जेम्स

प्रयागराज सेंट जोसेफ कॉलेज, प्रयागराज में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में तनाव प्रबंधन (Stress Management), समय प्रबंधन (Time Management), अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करना, ध्यान भटकाव से बचना तथा भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम के शुरुआत में प्रधानाचार्य रेव. फादर वाल्टर डिसिल्वा, कार्यक्रम संयोजक श्री जे. दुबे तथा शिक्षकों ने मुख्य अतिथि श्री तरुण रुपानी का स्वागत किया। प्रधानाचार्य रेव फादर वॉल्टर डी’सिल्वा ने मुख्य अतिथि का स्वागत फूलों के गुलदस्ते से किया गया, जो कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक था। कार्यक्रम की शुरुआत ईश्वर के आशीर्वाद से हुई। श्रीमती एल. टेरी द्वारा बाइबल वाचन का पाठ किया गया और विद्यालय के क्वायर ने एक सुंदर प्रार्थना गीत प्रस्तुत किया।
शिक्षिका श्रीमती शीतल सेबेस्टियन ने मुख्य अतिथि श्री तरुण रुपानी जी के बारे में बताया कि वे वाराणसी के जिला प्रशिक्षण समन्वयक एवं डॉ. अमृत लाल इशरत मेमोरियल सनबीम स्कूल, चौबेपुर के प्राचार्य हैं। वे काशी सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स (प्रिंसिपल्स एसोसिएशन) के सचिव के रूप में भी कार्यरत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है, जहाँ उन्होंने 14 वर्षों तक प्राचार्य तथा 9 वर्षों से अधिक समय तक सीबीएसई ऑब्जर्वर के रूप में सेवाएँ दी हैं। इससे पूर्व उन्होंने वाराणसी के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों में 17 वर्षों तक लेखांकन विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। एक समर्पित शिक्षाविद् के रूप में वे अपने यूट्यूब चैनल सर तरुण रुपानी के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाएँ और अध्ययन सामग्री प्रदान करते हैं। वे आईसीएसई कक्षा 10 के लिए भारत की सर्वाधिक बिकने वाली संदर्भ पुस्तकों के लेखक भी हैं। शैक्षणिक रूप से वे बी.एड., एम.ए. (शिक्षा) तथा एम.कॉम. की उपाधियाँ धारित करते हैं।
सेमिनार में विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को तनाव के कारणों, उसके प्रभावों और उससे निपटने के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तनाव (Stress) जीवन का स्वाभाविक भाग है, लेकिन इसे सही तरीके से संभालना ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। विद्यार्थियों को योग, ध्यान (Meditation), नियमित व्यायाम और संतुलित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी गई ताकि वे अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रख सकें।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों के साथ समय प्रबंधन (Time Management) पर भी चर्चा की गई, जिसमें उन्हें बताया गया कि कैसे एक सही समय-सारणी (Time Table) बनाकर और प्राथमिकताएँ तय करके वे अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के बीच संतुलन बना सकते हैं।
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण इंटरएक्टिव सत्र था, जहाँ विद्यार्थियों ने खुलकर प्रश्न पूछे और अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने छात्रों को यह संदेश दिया कि ध्यान भटकाव (Distraction) से दूर रहकर और स्पष्ट लक्ष्य (Clear Goals) निर्धारित करके ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इसके पश्चात् श्री तरुण रूपाणी ने डिजिटल डिटॉक्स विषय पर विचार साझा किए और जीवन में डिजिटल डिटॉक्स अपनाने के छह महत्वपूर्ण चरणों के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपने अध्ययन पर अधिक ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने अंत में सभी विद्यार्थियों को समय का महत्व बताया और कहा कि हमें समय को बर्बाद करने की बजाय हमें उसका उपयोग उन कार्यों और चीजों में करना चाहिए जो हमारे जीवन में उपयोगी है।
