सी. एम. पी. डिग्री कॉलेज द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक-वैधानिक निबंध लेखन प्रतियोगिता, 2025 का हुआ समापन

प्रयागराज
बी.ए.एल.एल.बी. (ऑनर्स), विधि विभाग, सी. एम. पी. डिग्री कॉलेज, प्रयागराज द्वारा आयोजित “सी. एम. पी. नेशनल सोशियो-लीगल एस्से राइटिंग कम्पटीशन, 2025” के फाइनल राउंड का सफल समापन 7 नवम्बर, 2025 को हुआ। प्रतियोगिता का विषय था — “स्वर्णिम वर्षों में न्याय: भारत के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक, नैतिक एवं नीतिगत आयामों की समीक्षा।”
कार्यक्रम में भारत की तीव्र गति से वृद्ध होती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। प्रस्तुतियों में यह तथ्य उजागर हुआ कि वर्ष 2050 तक प्रत्येक पाँचवाँ भारतीय 60 वर्ष से अधिक आयु का होगा। लॉन्गिट्यूडिनल एजिंग स्टडी इन इंडिया (LASI), 2021 का उल्लेख करते हुए बताया गया कि लगभग 3% बुजुर्ग किसी न किसी प्रकार के दुराचार का शिकार होते हैं, जबकि लगभग 57% बुजुर्ग अपने साथ दुर्व्यवहार की अनुभूति करते हैं, जो विधिक एवं नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
फाइनल राउंड में चार चयनित टीमों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने हेतु मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुरेन्द्र सिंह, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री चौधरी जितेन्द्र नाथ सिंह तथा माननीय अतिथि के रूप में डॉ. आदेश कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे के मार्गदर्शन में हुआ तथा यह अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र नाथ सिंह की दूरदृष्टि और प्रेरणा का परिणाम रहा। धन्यवाद ज्ञापन बी.ए.एल.एल.बी. (ऑनर्स) की संयोजक श्रीमती रेनू सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रतिष्ठित निर्णायकों की समिति — डॉ. ऋतम्भरा मालवीय, डॉ. विजयलक्ष्मी सक्सेना, डॉ. सनू तिवारी तथा डॉ. विजयलक्ष्मी सिंह — द्वारा किया गया। प्रतिभागियों के विचार, विश्लेषण और अभिव्यक्ति की गहराई को परखा गया। प्रतियोगिता का संचालन कुशलता एवं गरिमा के साथ सुश्री अनुष्री पांडे और सुश्री निवेदिता कौंडिन्य ने किया।
परिणाम इस प्रकार रहे:
• प्रथम स्थान: इल्लमा उस्मानी – नार्सी मोनजी इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, मुंबई
• द्वितीय स्थान: अराधना पटेल एवं अपर्णा आकांक्षा – आई.एस.डी.सी., प्रयागराज
• तृतीय स्थान: नमन पांडे एवं आस्था – सी. एम. पी. डिग्री कॉलेज, प्रयागराज
• चतुर्थ स्थान: तनय चौधरी – सी. एम. पी. डिग्री कॉलेज, प्रयागराज
यह प्रतियोगिता युवा मस्तिष्कों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध हुई, जिसने उन्हें भारत के वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विधिक, नैतिक एवं नीतिगत प्रश्नों पर गंभीरता से सोचने-समझने का अवसर प्रदान किया — ताकि जीवन के “स्वर्णिम वर्षों” में न्याय और गरिमा के आदर्श को सशक्त बनाया जा सके।
