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बजट के क्या हैँ फायदे क्या हैँ नुकसान कैसे देखते है स्पर्ट जानिये

बजट के क्या हैँ फायदे क्या हैँ नुकसान कैसे देखते है स्पर्ट जानिये

 

प्रयागराज

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया आसान होने से लोगों को काफी फायदा हुआ है। यह बैजेट काफी फायदेमंद है। अधिक से अधिक लोग अब इनकॉम टैक्स रिटर्न भर सकेंगे ल

अनिल गुप्ता,सी.ए

1.नया टैक्स कानून: 1 अप्रैल, 2026 से आयकर अधिनियम, 2025 (Income Tax Act, 2025) लागू होगा, जिसका उद्देश्य टैक्स नियमों को सरल बनाना है।
2. स्लैब में बदलाव: इस बजट में वर्तमान इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
3. ITR फाइलिंग: संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) भरने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।
4. TCS में राहत: LRS (Liberalised Remittance Scheme) के तहत TCS की दर को घटाकर 2% करने का प्रस्ताव है।
जीएसटी दरों का सरलीकरण (GST 2.0)
सितंबर 2025 में घोषित सुधारों को आगे बढ़ाते हुए, जीएसटी संरचना को अधिक सरल बनाया गया है:
1. नया स्लैब ढांचा: अब मुख्य रूप से तीन दरें प्रभावी हैं—5%, 18%, और 40%। पुराने 12% और 28% वाले स्लैब को धीरे-धीरे खत्म कर वस्तुओं को इन तीन श्रेणियों में समाहित किया जा रहा है।
2. राहत: दैनिक उपयोग की वस्तुओं, कृषि उपकरणों और जीवन रक्षक दवाओं पर टैक्स कम कर उन्हें 5% के स्लैब में रखा गया है।
3. शिक्षा और बीमा: स्वास्थ्य और जीवन बीमा के साथ-साथ शैक्षिक सेवाओं (ट्यूशन और कोचिंग) को बड़ी राहत देते हुए कई श्रेणियों में जीरो टैक्स के दायरे में लाया गया है।
नियमों में प्रमुख संशोधन (कानूनी बदलाव)
1. वित्त विधेयक 2026 के माध्यम से जीएसटी कानूनों में कुछ बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं:
2. पोस्ट-सेल डिस्काउंट (Section 15): बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट के नियमों को स्पष्ट किया गया है। अब सप्लायर द्वारा ‘क्रेडिट नोट’ जारी करने और प्राप्तकर्ता द्वारा ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (ITC) रिवर्स करने पर ही डिस्काउंट को टैक्स वैल्यू से बाहर रखा जाएगा।
3. त्वरित रिफंड: ‘इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर’ (जहां कच्चे माल पर टैक्स ज्यादा और तैयार माल पर कम हो) के तहत अब 90% रिफंड ऑटोमैटिक और तेजी से मिलेगा।
4. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: नए व्यवसायों के लिए जीएसटी पंजीकरण को और भी तेज (Fast-track) करने का प्रावधान किया गया है।
रिकॉर्ड कलेक्शन और अर्थव्यवस्था
1. बंपर कमाई: जनवरी 2026 में जीएसटी संग्रह ₹1.93 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो सरकार की मजबूत राजकोषीय स्थिति को दर्शाता है।
2. लिटिगेशन में कमी: अनुपालन नियमों को सरल बनाकर सरकार का लक्ष्य छोटे व्यापारियों (MSMEs) के लिए कानूनी विवादों को कम करना है।

 

राधा गुप्ता, ग्रहणी, अल्लापुर

यह बजट,महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण से प्रदेश में गरीब, महिला, बुजुर्ग और वंचित वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। महिलाएं आत्म निर्भर बनेंगी ।

 

संगीता सिंह, नैनी

लखपति दीदी योजना से महिलाएं आत्म निर्भर बनेंगी एवं अन्य महिलाओं को जोड़ कर उनको भी सहयोग करेंगी जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

करिश्मा सिंह, हंडिया

इस बजट में घरेलूं समान सस्ता हो जाने से काफी फायदेमंद है। घरेलूं समान से महिलाओं को काफी फायदा हुआ है

 

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