डॉ ललित कुमार त्रिपाठी भारतीय ज्ञान परम्परा के ध्वजवाहक – डॉ जी एस तोमर
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केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय गंगा नाथ झा परिसर, प्रयागराज में भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध आयाम एवं उनका प्रसार विषय पर परिसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, विश्व आयुर्वेद मिशन, संस्कृत भारती, भारतीय भाषा अभियान, भाषा संगम, वेद विद्यालय, संस्कृत विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, एमएनआइटी, संस्कृत गंगा, सीएमपी डिग्री कॉलेज, प्रयाग विद्वत्परिषद एवं प्रयागराज की विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं ने प्रतिभाग किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक प्रोफेसर ललित कुमार त्रिपाठी ने की । डॉ त्रिपाठी के नेतृत्व में भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र प्रभारी प्रो देवदत्त सरोदे ने विविध संस्थानों में इसका डटकर प्रचार एवं प्रसार किया है । ज्ञातव्य हो कि प्रो ललित कुमार त्रिपाठी की सक्रियता, कुशल नेतृत्व क्षमता एवं विद्वता के दृष्टिगत उन्हें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में डीन, एकेडेमिक का नया पद का दायित्व प्रदान किया गया है । अब वह प्रयाग स्थित संस्थान में ही नहीं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा का प्रचार प्रसार करेंगे । प्रो त्रिपाठी को इस नए महत्वपूर्ण दायित्व के लिए विश्व आयुर्वेद मिशन ने उनको अंगवस्त्रम् एवं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की मूर्ति देकर सम्मानित किया । यह सम्मान विश्व आयुर्वेद मिशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो.(डॉ) जी एस तोमर, सह सचिव डॉ अवनीश पाण्डेय एवं प्रांतीय कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार सिंह ने प्रदान किया ।
डॉ तोमर ने कहा कि प्रो ललित कुमार त्रिपाठी मात्र एक व्यक्ति नहीं संस्थान हैं । वह उच्च कोटि के विद्वान होने के साथ साथ कुशल प्रशासक, उत्कृष्ट योजक एवं संत हृदय के व्यक्ति हैं । डॉ त्रिपाठी प्रयागराज में भारतीय ज्ञान परम्परा के ध्वजवाहक के रूप में सम्मानित हैं । इस अवसर पर प्रो त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों को अंगवस्त्रम् एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया ।
