Friday, February 20Ujala LIve News
Shadow

प्राचीन हिन्दी साहित्य को लालायित युवा पीढ़ी

प्राचीन हिन्दी साहित्य को लालायित युवा पीढ़ी

प्रयागराज, केन्द्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद एवं ईश्वर शरण महाविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार प्रयागराज में हिन्दी शोधार्थियों के लिए हिन्दी साहित्य का तीर्थ कहे जाने वाले विख्यात वैश्विक संस्थानों में प्रमुख “हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग” का इतिहास लोकप्रसिद्ध है।
किन्तु सम्मेलन के संचालकों की निष्क्रियता के चलते शोधकर्ताओं को संस्थान के द्वारा उपलब्ध हिंदी साहित्य का लाभ न मिलने से निराशा व्याप्त है क्योंकि विगत कुछ माह से संबंधित संस्थान का पुस्तकालय बंद कर दिया गया है।
शोधकर्ताओं की मांग है कि उक्त प्रतिष्ठित संस्थान का पुस्तकालय पुनः संचालित किया जाए जिससे हिन्दी साहित्य के शोधार्थी लाभ प्राप्त कर सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *