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प्रगतिशील समाज पार्टी युवा मोर्चा ने निकली तिरंगा रैली,क्रांतिकारियों के सपनों का भारत बनाना ही असली अमृत महोत्सव- इंजीनियर सुनील कुशवाहा

 

प्रगतिशील समाज पार्टी युवा मोर्चा ने निकली तिरंगा रैली,क्रांतिकारियों के सपनों का भारत बनाना ही असली अमृत महोत्सव- इंजीनियर सुनील कुशवाहा

बहरिया / प्रयागराज। आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत रविवार को प्रगतिशील समाज पार्टी युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने युवा मोर्चा के प्रदेश महासचिव निष्ठा देव के नेतृत्व में तिरंगा रैली की शुरुआत सिसईं सिपाह चौराहा से हुई जो कुबेरगंज, बोमापुर, जलालपुर होते हुए बहरिया ब्लॉक पहुंची। वहां से बसरही, किरावं होते हुए वापस सिसईं सिपाह चौराहा पर समाप्त हुई। तिरंगा रैली की शुरुआत करते हुए मुख्य अतिथि प्रगतिशील समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर सुनील कुशवाहा ने कहा कि आज़ादी मिलने की राह में हजारों क्रांतिकारियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके सपनों का भारत बनाना ही असली अमृत महोत्सव है।
इस अवसर पर प्रगतिशील समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपचंद्र मौर्य ने कहा कि हमारा देश अनेकता में एकता वाला देश है, इस देश को बनाने में प्रत्येक धर्म और जाति के लोगों ने अपना बलिदान दिया है। तिरंगा रैली में प्रगतिशील समाज पार्टी के राष्ट्रीय सलाहकार योगेश कुशवाहा, प्रदेश उपाध्यक्ष पवन यादव, मजदूर संघ के मंडल प्रभारी नवीन विद्यार्थी, युवा मोर्चा के जिला सचिव मोहम्मद साहिल, विधानसभा प्रभारी मुन्ना चमार, विधानसभा सचिव रत्नेश चौधरी, शिवम मौर्य, अनिल चौधरी, एडवोकेट संदीप कुशवाहा, आकाश यादव समेत सैकड़ों अन्य लोग शामिल रहे।

बैनर लगाने को लेकर कार्यकर्ताओं में हुई झड़प।

सिसईं सिपाह। प्रगतिशील समाज पार्टी युवा मोर्चा की तिरंगा रैली में अपने-अपने नेताओं के बैनर लगाने को लेकर कार्यकर्ताओ में तीखी झड़प हो गयी। युवा मोर्चा के प्रदेश महासचिव निष्ठा देव के हस्तक्षेप के बाद कार्यकर्ता शांत हुए। हुआ यूं कि प्रदेश उपाध्यक्ष अजीत पटेल के समर्थक कार्यकर्ता तिरंगा रैली में शामिल वाहनों में अजीत पटेल की बड़ी तस्वीरों वाले बैनरों को लगाने लगे, जिसे लेकर युवा मोर्चा के स्थानीय कार्यकर्ता आपत्ति जताते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ते देख युवा मोर्चा के प्रदेश महाचिव निष्ठा देव ने युवा मोर्चा के स्थानीय पदाधिकारियों को फोन पर ही अनुशासन का पाठ पढ़ाया, तब जाकर कार्यकर्ता माने। हालांकि इसके बाद सबकुछ सामान्य हो गया और सभी ने उत्साहपूर्वक तिरंगा रैली में भाग लिया।

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