कार्य निष्पादन में गुणवत्ता ही सफलता का वास्तविक आधार : *जे.सी.एस बोरा* (प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज)

प्रयागराज लाबी में आयोजित प्रयागराज मंडल के विभिन्न मुख्यालय से आए हुए लगभग 60 मुख्य लोको निरीक्षकों की संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर उत्तर मध्य रेलवे ने सभी लोको निरीक्षकों को गुणवत्तापूर्ण कार्य संस्कृति अपनाने का प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की संरक्षा और उत्कृष्ट परिचालन केवल कार्यों की संख्या से नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता और उसके सकारात्मक प्रभाव से सुनिश्चित होती है! उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल कार्यगणना की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता और उसके वास्तविक प्रभाव को सुनिश्चित करना होना चाहिए। एक प्रभावी काउंसिलिंग, एक सार्थक निरीक्षण तथा समय पर किया गया मार्गदर्शन अनेक औपचारिक कार्यवाहियों से कहीं अधिक मूल्यवान होता है। ” 26 जून 2026 को उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज लॉबी में एक दिवसीय मुख्य लोको निरीक्षकों के संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। रेल संचालन में संरक्षा (Safety) को सुदृढ़ करने और परिचालन संबंधित बारीकियों पर चर्चा के उद्देश्य से आयोजित इस संगोष्ठी में विभिन्न मंडलों के लगभग 60 लोको निरीक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संगोष्ठी के प्रारंभ में संगोष्ठी के मुख्य अतिथि जे सी एस बोरा प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर उत्तर मध्य रेलवे को मंडल के वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर परिचालन आकाश श्रीनेत्र के द्वारा प्लांटर भेंट किया गया।
संरक्षा संवाद के साथ-साथ यह आयोजन सामाजिक सरोकार का भी गवाह बना। संगोष्ठी के प्रारंभ में ही मानवीय सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए रक्तदान करने वाले 30 रक्तदाता रनिंग कर्मियों को संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर उत्तर मध्य रेलवे द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके इस अनुकरणीय कार्य की उपस्थित सभी अधिकारियों और संरक्षकों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम के संचालनकर्ता वासुदेव पाण्डेय मुख्य क्रू नियंत्रक सामान्य प्रयागराज द्वारा रनिंग कर्मियों के संरक्षित संचालन में अग्रणी भूमिका निभाने हेतु मंडल में अपनाई जाने वाली तकनीकी ज्ञान के साथ साथ शारीरिक एवं मानसिक संतुष्टि हेतु विभिन्न गतिविधियों का पी पी टी एवं वीडियो चलचित्र के माध्यम से दिखाया गया ! संगोष्ठी में सभी लोको निरीक्षकों से वार्ता के बीच प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर (परिचालन), उत्तर मध्य रेलवे ने आने वाले नए सहायक लोको पायलटों को परामर्श देते समय समझाया की परामर्श संख्या केवल आँकड़े प्रस्तुत करती है जबकि गुणवत्ता भरे प्रभाव कारी परामर्श परिणाम प्रस्तुत करती है। इसलिए प्रत्येक मुख्य लोको निरीक्षक को अपने दायित्वों का निर्वहन इस प्रकार करना चाहिए कि उसके कार्यों का प्रत्यक्ष प्रभाव संरक्षा, समयपालन, लोको पायलटों के व्यवहार, अनुशासन तथा कार्यकुशलता में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो। संगोष्ठी में मुख्य लोको निरीक्षक एन एन एन तिवारी, शकील अहमद, यू बी सिंह, जी सी पांडेय, अनिल कुमार गुप्ता से सुरक्षा बिंदु पर चर्चा की। वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर परिचालन आकाश श्रीनेत्र ने लोको निरीक्षकों को अपने कार्य निष्पादन में गुणवत्तापूर्ण काउंसिलिंग, सतत मार्गदर्शन, व्यक्तिगत संवाद, व्यवहारिक प्रशिक्षण तथा मानवीय संवेदनशीलता को अपनी कार्यशैली का अभिन्न अंग बनाने हेतु सलाह दी और संगोष्ठी के मुख्य अतिथि महोदय का धन्यवाद ज्ञापित किया! संगोष्ठी के संचालनकर्ता वासुदेव पाण्डेय ने संगोष्ठी में आए हुए सभी लोको निरीक्षकों एवं रनिंग परिवार के रक्तदाताओं का आभार प्रकट किया कार्यक्रम के अंत में सभी लोको निरीक्षकों ने रेल संचालन को पूरी तरह सुरक्षित और त्रुटिहीन बनाए रखने का संकल्प लिया।
