पूर्वोत्तर रेलवे के चिकित्सा विभाग द्वारा गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के सहयोग से 23 जून 2026 को मंथन सम्मेलन हॉल में “गुणवत्ता यात्रा: एनएबीएच एवं एनएबीएल” का आयोजन किया गया

एनएबीएच और एनएबीएल मान्यता आवश्यकताओं के अनुसार प्रयोगशाला मानकों और स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता में वृद्धि करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था |
डॉ. सुषमा माटे, प्रमुचिनि (प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक), पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य अतिथि थी और उन्होंने सम्मलेन का उद्घाटन किया |
अतिथि वक्ता – एनएबीएच: डॉ विजय लक्ष्मी गोपा कुमार, एनएबीएच मूल्यांकनकर्ता (विषय: एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने हेतु स्वास्थ्य संगठनों के लिए जागरूकता कार्यक्रम)
– एनएबीएल: डॉ. चारुचंद्र सक्सेना, एनएबीएल मूल्यांकनकर्ता (विषय: मेडिकल प्रयोगशालाओं के लिए आईएसओ-15189 तकनीकी जागरूकता)
“गुणवत्ता यात्रा” सम्मेलन एनएबीएच और एनएबीएल मानकों, आईएसओ-15189 के कार्यान्वयन, और मान्यता प्राप्त करने की रणनीतियों पर स्वास्थ्य पेशेवरों को संवेदनशील बनाने पर केंद्रित था । इसमें विशेषज्ञों के साथ इंटरैक्टिव सत्र, केस स्टडी, और प्रश्नोत्तर शामिल थे । उपर्युक्त सम्मलेन में मुख्य रूप से डॉ एस. के. हाण्डू (चिकित्सा निदेशक, केन्द्रीय रेलवे चिकित्सालय, प्रयागराज) उत्तर मध्य रेलवे, डॉ रूपज्योती चौधरी (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) वाराणसी, डॉ ए. ए. खान (चिकित्सा निदेशक, केन्द्रीय रेलवे चिकित्सालय, ललित नारायण मिश्र, गोरखपुर), डॉ आभा जैन (प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी) मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली, डॉ रमेश चन्द्र (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) लखनऊ, डॉ जयंत मुर्मू (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) कानपुर, डॉ डी. के. सिंह (अपर मुख्य चिकित्सा निदेशक/ एम. एस.) पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के साथ उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली, बनारस लोकोमोटिव वर्क्स से आये IRHS ऑफिसर, प्रयोगशाला तकनीशियन, गुणवत्ता प्रबंधक, अस्पताल प्रशासक, एनएबीएच/एनएबीएल समन्वयक कुल 55 लोग सम्मिलित हुए | कार्यक्रम का संचालन डॉ स्नेहलता सिंह (उप मुख्य चिकित्सा निदेशक/टी. ए.) पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर द्वारा किया गया |
सभी के द्वारा “गुणवत्ता शपथ” भी लिया गया |
कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ | डॉ. सुषमा माटे, प्रमुचिनि (प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक), पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य अतिथि द्वारा रेलवे में अद्द्तन चिकित्सकीय सुविधाओं के नवीनीकरण के प्रति जोर दिया गया जिससे रेलवे लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके |
