लाक्षागृह किलाकोट से मुख्यमंत्री योगी के नाम का शिलापट गायब
निषाद माता समाधि स्थल एवं सरकारी गौशाला में अवैध कब्जा

प्रयागराज । उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर धर्मक्षेत्र लाक्षागृह पर्यटन स्थल विकास समिति के केन्द्रीय महामंत्री ओंकारनाथ त्रिपाठी ने बताया कि सरकार की धनराशि से निर्मित लाक्षागृह हण्डिया स्थित किलाकोट के पूज्य श्रीमज्ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के कक्ष में रखे गए मुख्यमंत्री व तीन एम0एल0सी0 सहित उपमुख्यमंत्री के नाम के शिलापट अर्चना नाम की महिला ने गायब कर दिया है। उक्त कक्ष शिव भवन में पूज्य शंकराचार्य व एम0एल0सी0 डॉ0 यज्ञदत्त शर्मा का भी नाम शिलापट रखा था जो गायब है। श्री त्रिपाठी ने माननीय उपमुख्यमंत्री को दिए गए आठ सूत्रीय ज्ञापन में लिखा है कि दुर्योधन द्वारा पाण्डवों को जलाकर मार डालने की नियत से लाह (लाख) बांस व चर्बी से बनाए गए भवन में आग लगने पर कुंती माता सहित युधिष्ठिर अपने पांचों भाइयों को लेकर मंत्री-काका विदुर द्वारा खुदवाई गई सुरंग के रास्ते से निकल कर भाग गए और माँ गंगा पर खड़ी यंत्र चालित नौका पर बैठकर पार उतर गए। वहीं पर सो रही निषाद माता अपने पांच बच्चों सहित जलकर मर गई जिसे कुन्ती व पांचो भाई पांडव समझ कर दुर्योधन ने उनकी दाह क्रिया व अन्तिम संस्कार किया। इस तरह निषाद माता के जलकर मर जाने की शहादत का बड़ा महत्व है।
उपमुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में श्री त्रिपाठी ने बताया कि उक्त किलाकोट पर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा बनवाई गई गौशाला में अर्चना ने कुछ अंश पर अवैध कब्जा कर अपनी निजी गौशाला का निर्माण कर लिया है। पूर्व सांसद पं0 गोरखनाथ पान्डेय के सांसद निधि के 5 लाख से निर्मित संग्रहालय भवन पर भी ताला तोड़कर अर्चना नाम की महिला ने अवैध कब्जा कर लिया है। कई बार सूचना देने एवं राजस्व कर्मी द्वारा अर्चना के पास कोई अधिकार पत्र न होने और एस0डी0एम0 हंडिया द्वारा अर्चना के द्वारा सत्संग में लगाए गए अवैध ताले को तोड़कर त्रिपाठी को कब्जा देने की रिपोर्ट देने के बाद भी अर्चना ने वहाँ अवैध कब्जा बनाए हुए है जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटन विभाग ने किलाकोट के उक्त भाग पर देखरेख व सुरक्षा आदि का लिखित अधिकार धर्मक्षेत्र लाक्षागृह पर्यटन स्थल विकास समिति हंडिया, प्रयागराज के महामंत्री ओंकारनाथ त्रिपाठी को दे दिया है।
सम्पूर्ण स्थितियों से अवगत होने पर माननीय उपमुख्यमंत्री माननीय केशव प्रसाद मौर्य ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं पर्यटन अधिकारी को मामले को निस्तारित किए जाने का पत्र भेजने का आदेश दिया है।
विशाल साहनी, दिलीप कुमार सिंह एडवोकेट, अनिल त्रिवेदी एवं संजय सिंह आदि उपस्थित रहे।
