फेक दो इसे देखा जाएगा, राष्ट्रीय पक्षी मोर की दुरदशा पर लापरवाहजेई पर आखिर कब होगी कार्यवाही ग्रामीणों में आक्रोश

,प्रतापगढ़ ।
मांधाता-जेठवारा क्षेत्र के सराय भीमसेन पावर हाउस अंतर्गत ओरीडीह गांव से बिजली विभाग की घोर संवेदनहीनता और राष्ट्रीयपक्षी मोर जो कि हमसबका राष्ट्रीय प्रतीकभी है के करंट की चपेट में आने पर बिजली विभाग के जेई मार्केंडेय यादव द्वारा लाइन मैंन से पक्षी को फेक दो जैसे संवेदन शील वक्तव्य से हत्प्रभ है। यही नही उक्त कार्यवाही से मानवीय संवेदना को हिलाकर रख दिया है। इस जेई के कई कारनामे की वजह से विभाग की बदनामी जग जाहिर है। राष्ट्रीय पक्षी के अपमान के इस बड़े खेल में कार्यवाही होने पर कई की गर्दन फंसेगी इस लिए इस मामले को लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है। बताते चले कि उक्त अपमान का बड़ा मामला। मान्धाता सराय भीमसेन के ओरीडीह स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर में उतरे करंट की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत होने व उसके बाद उसको नोचकर खेत मे फेकने का है।
घटना की सूचना पर पहुंचे लाइनमैन नन्हे मौर्य ने ग्रामीणों की मदद से मृतक मोर को ट्रांसफार्मर से नीचे उतारा और इस दुखद घटना की जानकारी विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर उच्च अधिकारियों व स्टाफ को दी। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मानवता और राष्ट्रीय सम्मान दोनों को तार-तार कर दिया।
जेई मारकंडे यादव का विवादित व अमानवीय रवैया:
आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद संबंधित जेई मारकंडे यादव का बेहद उदासीन और अमानवीय रवैया सामने आया। जेई ने विभागीय नियमों और वन्यजीव संरक्षण कानून को ताक पर रखते हुए कर्मचारी को निर्देश दिया— “मोर को वहीं किसी झाड़ी में फेंक दो और चुपचाप चले आओ, किसी को पता न चले कि राष्ट्रीय पक्षी का ऐसा हाल हुआ है।”
लाइन मैंन ने मोर के शव को पास स्थित धान केखेतमें फेंक दिया।
कुत्तों ने नोचा शव, दृश्य देखकर कांप उठी रूह:
जेई के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण राष्ट्रीय पक्षी के शव का अंतिम संस्कार या नियमानुसार पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। वायरल वीडियो और मौके के दृश्यों के अनुसार, फेंके गए मोर के शव को आवारा कुत्तों ने बुरी तरह नोच-नोच कर वीभत्स स्थिति में पहुंचा दिया। यह दृश्य इतना दिल दहलाने वाला है कि देखने वालों की रूह कांप जाए।
ग्रामीणों में उबाल, जेई पर तत्काल कार्रवाई की मांग:
स्थानीय निवासियों में बिजली विभाग और जेई मारकंडे यादव के इस कृत्य को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय पक्षी का इस तरह अपमान कानूनन अपराध है। आक्रोशित ग्रामीणों और समाजसेवियों ने मुख्य अभियंता (विद्युत) और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए जेई मारकंडे यादव के खिलाफ सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

