उल्हासनगर में भाजपा-शिवसेना गठबंधन में दरार
मुंबई श्रीकेश चौबे:-
उल्हासनगर महानगरपालिका में स्वीकृत नगरसेवकों की नियुक्ति को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। सात स्वीकृत नगरसेवकों की नियुक्ति में भाजपा के दो और शिवसेना के पांच नाम सामने आने के बाद भाजपा ने स्थानीय स्तर पर शिवसेना के साथ गठबंधन खत्म करने का ऐलान किया है। भाजपा ने कल्याण-उल्हासनगर के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के राजनीतिक कार्यक्रमों में सहयोग नहीं करने की भी घोषणा की है। भाजपा की पत्रकार परिषद में विधायक कुमार आयलानी, गटनेता राजेश वधारिया, पूर्व नगरसेवक प्रदीप रामचंदानी सहित पार्टी के नगरसेवक और पदाधिकारी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने आरोप
लगाया कि स्वीकृत नगरसेवकों के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई और पार्टी के हिस्से में अपेक्षित चार पदों के बजाय दो ही नाम चुने गए। भाजपा ने इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की बात भी कही है। स्वीकृत नगरसेवकों के चयन से पहले भाजपा ने चार नामों की सिफारिश की थी। इनमें से दो उम्मीदवारों के आवेदन जांच के दौरान तकनीकी कारणों से बाद में अमान्य कर दिए गए। इसके बाद शिवसेना की ओर से दो वैकल्पिक
श्रीकांत शिंदे के राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी का ऐलान
नाम सामने आए और अंतिम चयन में शिवसेना के पांच तथा भाजपा के दो स्वीकृत नगरसेवक चुने गए। इस प्रक्रिया पर भाजपा ने आपत्ति जताई है। भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने डॉ. श्रीकांत शिंदे के लिए काम किया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर गठबंधन की भावना का पालन नहीं किया गया।
अदालत का दरवाजा खटखटाएगी भाजपा
भाजपा गटनेता राजेश वधारिया ने स्वीकृत नगरसेवकों की नियुक्ति में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी इस मामले को अदालत में चुनौती देगी। इससे पहले भी स्वीकृत नगरसेवकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर कानूनी विवाद चल चुका है और न्यायालयी हस्तक्षेप के बाद 1 अक्टूबर को विशेष महासभा में चयन प्रक्रिया पूरी हुई थी।
उल्हासनगर में बदले राजनीतिक समीकरण
स्वीकृत नगरसेवक चयन के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच स्थानीय स्तर पर पैदा हुआ यह टकराव अब महानगरपालिका की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। भाजपा के स्थानीय स्तर पर विपक्ष की भूमिका अपनाने के ऐलान से महायुति के दोनों घटकों के बीच संबंधों पर असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, राज्य स्तर पर गठबंधन की स्थिति के बारे में इस स्थानीय घटनाक्रम से अलग कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
