अमीरों की सभा बन गयी राज्य सभा
226 सांसदों की घोषित संफी 26000 करोड़
मुंबई श्रीकेश चौबे:- एक नए विश्लेषण
से पता चला है कि संसद के उच्च सदन यानी वह जगह जहाँ देश के कानूनों, नीतियों और राष्ट्रीय मुद्दों पर अहम चर्चाएँ होती हैं-में करोड़ों की संपत्ति वाले सांसदों की संख्या काफी ज्यादा है। राज्यसभा के 226 सांसदों के चुनावी हलफनामों के अनुसार, कम से कम 31 सांसदों ने 100 करोड़ रूपए से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। इसका मतलब है कि राज्यसभा के हर सात सदस्यों में से लगभग एक सदस्य के पास 100 करोड़ रूपए से ज्यादा की संपत्ति है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्मेंस और ‘नेशनल इलेक्शन वॉच’ ने राज्यसभा सदस्यों के हलफनामों का विश्लेषण किया। विश्लेषण से पता चलता है कि मौजूदा 226 सांसदों की कुल घोषित संपत्ति 26,047 करोड़ रूपए है। प्रति सदस्य औसत घोषित संपत्ति 115.25 करोड़ रूपए है। 2018 में, राज्यसभा सांसदों की औसत संपत्ति 55.62 करोड़ रूपए थी; ताजा विश्लेषण से पता चलता है कि यह आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। हालांकि, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्मेंस ने बताया है कि ये आँकड़े पूरी तरह से चुनावी हलफनामों में दी गई खुद की घोषित जानकारी पर आधारित हैं। इसलिए, संगठन ने स्पष्ट किया कि केवल इस डेटा के आधार पर संपत्ति के स्रोतों, संपत्ति में बढ़ोतरी के कारणों या संबंधित सांसदों के राजनीतिक प्रदर्शन के बारे में कोई
सबसे ज़्यादा संपत्ति वाले सांसद
डॉ. बंदी पार्थसारथी 5,300 करोड़ रूपए से ज़्यादा
राजिंदर गुप्ता 5,053 करोड़ रूपए से ज़्यादा
अभिषेक मनु सिंघवी 2,558 करोड़ रूपए से ज़्यादा
स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है।
विश्लेषण से पता चलता है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में भारी संपत्ति वाले सांसद मौजूद हैं। भाजपा के 107 सांसदों में से सात ने 100 करोड़ रूपए से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। कांग्रेस पार्टी के 29 सांसदों में से छह इस श्रेणी में आते हैं।
वाय एसआर कांग्रेस, तेलुगु देशम पार्टी, भारत राष्ट्र समिति और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी जैसी पार्टियों के कई सदस्यों की संपत्ति भी 100 करोड़ रूपए से ज्यादा है। राज्यों के हिसाब से देखें तो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सांसद इस लिस्ट में सबसे आगे हैं। तेलंगाना के सात में से चार सांसदों के पास 100 करोड़ रूपए से ज्यादा की संपत्ति है। आंध्र प्रदेश के 11 में से पांच सांसद इसी श्रेणी में आते हैं। ओडिशा, पंजाब और गुजरात के कुछ सांसद भी ज्यादा संपत्ति वाले सदस्यों में शामिल हैं।
