हाई कोर्ट ने नगरसेवकों के चयन पर लगाई रोक
भाजपा शिवसेना विाद में उल्हासनगर में फिर अटकी नामांकित नगरसेवकों की नियुक्ति
मुंबई श्रीकेश चौबे:- अगस्त उल्हासनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटरों की नियुक्ति का विवाद सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने सात नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटरों की नियुक्ति के बाद मनपा प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी। यह आदेश भाजपा द्वारा दायर एक रिट पिटीशन की सुनवाई के दौरान आया, जिसमें उल्हासनगर मनपा की मेयर अश्विनी कमलेश निकम द्वारा नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटर नियुक्ति प्रक्रिया में लिए गए फैसले को चुनौती दी गई थी। यह मुद्दा भाजपा और शिवसेना के बीच लंबे समय से चल रहे कानूनी और राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है।
11 सितंबर को, हाई कोर्ट ने मेयर के फैसले और मनपा आयुक्त मनीषा अव्हाले द्वारा जारी संबंधित आदेश को रद्द कर दिया था और
महानगरपालिका को तय समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसने उल्हासनगर मनपा को 1 अक्टूबर तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। इसके बाद उल्हासनगर मनपा ने एक स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग बुलाई और सात नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटरों को नियुक्त किया।
महापौर निकम द्वारा शिवसेना से पांच और भाजपा से दो नॉमिनी के नामों की घोषणा के बाद एक और विवाद खड़ा हो गया।
