Thursday, October 8Ujala LIve News
Shadow

एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य से ही स्वस्थ एवं संतुलित भविष्य का निर्माण संभव – डॉ०वाई०पी०सिंह

एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य से ही स्वस्थ एवं संतुलित भविष्य का निर्माण संभव – डॉ०वाई०पी०सिंह

‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ संगोष्ठी में मानव, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य में सामंजस्य पर मंथन

प्रयागराज। आरोग्य भारती एवं विश्व आयुर्वेद मिशन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को आईसीएफआरई पारिस्थितिकी पुनर्वास केंद्र, प्रयागराज में ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य—मानव, पशु एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य में सामंजस्य’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएफआरई-पारिस्थितिकी पुनर्वास केंद्र के निदेशक डॉ. संजय सिंह ने की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) वाई.पी. सिंह, निदेशक, जीबी पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, प्रयागराज ने कहा कि मानव स्वास्थ्य को पर्यावरण से अलग करके नहीं देखा जा सकता। स्वच्छ जल, शुद्ध वायु, जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने प्रकृति के संरक्षण को स्वस्थ भविष्य की आधारशिला बताया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. वसीम अहमद, प्रधानाचार्य, राजकीय यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय ने कहा कि आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा पद्धतियां प्रकृति और स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को महत्व देती हैं। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी होगी।

समन्वयक प्रो. (डॉ.) जी.एस. तोमर, अध्यक्ष, विश्व आयुर्वेद मिशन ने कहा कि ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ केवल एक विचार नहीं बल्कि वर्तमान समय की आवश्यकता है। मनुष्य, पशु और प्रकृति एक-दूसरे से जुड़े हैं। किसी एक के स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रतिकूल प्रभाव पूरे पारिस्थितिक तंत्र को प्रभावित करता है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. संजय सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव स्वास्थ्य को एक साथ लेकर चलना ही स्थायी विकास का मार्ग है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जनसामान्य में पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

संगोष्ठी में वक्ताओं ने प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण, पशु स्वास्थ्य, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ मनुष्य के लिए स्वस्थ पर्यावरण आवश्यक है और इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
कार्यक्रम का संचालन विश्व आयुर्वेद मिशन के सह सचिव डॉ०अवनीश पाण्डेय ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. कुमुद दुबे, डॉ. विभा मिश्रा, टेक्निकल ऑफिसर डॉ. एस डी शुक्ला, धर्मेन्द्र त्रिपाठी, अनुराग अस्थाना, मिलेनियम लाइफ साइंसेज़ के शुभम् पयगुन्दे एवं धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी, शताधिक चिकित्सकों, शिक्षाविदों, आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञों तथा पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े लोगों की सहभागिता रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *