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मध्य रेल ने 20.47 लाख बिना टिकट यात्रियों से ₹159.34 करोड़ का जुर्माना वसूला

मध्य रेल ने 20.47 लाख बिना टिकट यात्रियों से ₹159.34 करोड़ का जुर्माना वसूला
*प्रतिदिन औसतन 11,184 यात्रियों पर कार्रवाई और ₹87 लाख से अधिक की वसूली

 


मुंबई श्रीकेश चौबे:-
सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत मध्य रेल ने अपने पूरे नेटवर्क में अनधिकृत एवं बिना टिकट यात्रा के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी है। न्यूनतम जुर्माने में वृद्धि के साथ-साथ सघन टिकट जांच अभियानों से वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 तक उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं।

*अप्रैल से सितंबर 2026 तक रिकॉर्ड कार्रवाई और जुर्माना वसूली*
अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि के दौरान मध्य रेल की समर्पित टिकट जांच टीमों ने बिना टिकट, अनुचित अथवा अमान्य यात्रा प्राधिकार के साथ यात्रा कर रहे 20.47 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे रिकॉर्ड ₹159.34 करोड़ का जुर्माना वसूल किया। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 20.05 लाख मामले दर्ज किए गए थे और ₹116.46 करोड़ का जुर्माना वसूल किया गया था। इस प्रकार जुर्माना वसूली में 37 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

*जुर्माना वसूली एवं मामलों की संख्या*
*अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान मंडलवार प्रदर्शन इस प्रकार रहा:*
मुंबई मंडल: 10.11 लाख मामलों से ₹66.92 करोड़
भुसावल मंडल: 3.77 लाख मामलों से ₹38.90 करोड़
पुणे मंडल: 2.13 लाख मामलों से ₹18.68 करोड़
नागपुर मंडल: 2.36 लाख मामलों से ₹17.93 करोड़
सोलापुर मंडल: 1.10 लाख मामलों से ₹7.27 करोड़
मुख्यालय: 0.99 लाख मामलों से ₹9.63 करोड़

*सितंबर 2026 में भी सघन टिकट जांच*
सितंबर 2026 के दौरान मध्य रेल की टिकट जांच टीमों ने बिना टिकट अथवा वैध टिकट के बिना यात्रा कर रहे 2.44 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे ₹18.53 करोड़ का जुर्माना वसूल किया।

वैध टिकट के बिना यात्रा करना रेलवे अधिनियम के तहत अपराध है और इसके लिए दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। बिना टिकट यात्रा से रेलवे के राजस्व पर भी असर पड़ता है। इस राजस्व का उपयोग यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए किया जाता है।
बिना टिकट यात्रा के लिए न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹500 किए जाने के बाद मध्य रेल ने पूरे नेटवर्क में सघन टिकट जांच अभियान जारी रखा है। इसके लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है, जिसमें स्टेशन जांच, एम्बुश चेक, फोर्ट्रेस चेक, गहन जांच तथा मेगा टिकट जांच अभियान शामिल हैं। ये अभियान मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों, पैसेंजर ट्रेनों, विशेष ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे मंडलों की उपनगरीय ट्रेनों में भी चलाए जा रहे हैं।

*यात्रियों से अपील*
मध्य रेल सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे उचित एवं वैध टिकट खरीदकर जिम्मेदारी और सम्मान के साथ यात्रा करें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा अथवा जुर्माने का सामना न करना पड़े।
रेलवे बिना टिकट यात्रा के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए कहा है कि वह यात्रियों को आरामदायक और सम्मानजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

*जिम्मेदारी से यात्रा करें, सम्मान के साथ यात्रा करें*

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