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मैनपुरी लोकसभा सीट को सपा और भजपा ने अपने अपने नाक का सवाल बनाया

मैनपुरी लोकसभा सीट को सपा और भजपा ने अपने अपने नाक का सवाल बनाया

रिपोर्ट:आचार्य श्री कांत शास्त्री

मैन पुरी लोकसभा सीट को सपा और भजपा ने अपने अपने नाक का सवाल बना लिया है।समाजवादी पार्टी ने सपा संरक्षक रहे पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 मुलायाम सिंह यादव की बहू पूर्व सांसद डिम्पल यादव को मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया है तो वहीं भारतीय जनता पार्टी ने धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव के खासमखास रहे 2 बार सपा के टिकट पर सांसद और 1 बार विधायक रहे रघुराज सिंह शाक्य को अपना उम्मीदवार बनाया है।सपा संरक्षक स्व0 मुलायाम सिंह यादव के निधन से खाली हुई इस सीट पर सभी की निगाहें हैं।इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिव पाल सिंह यादव को मनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।बहू डिम्पल यादव ने जैसे ही शिव पाल सिंह यादव को फोन किया वैसे ही शिव पाल सिंह यादव ने अपनी बहू डिंपल यादव को जीत का आशीर्वाद दे दिया।तल्खियां प्यार में बदली और अखिलेश यादव सपत्नीक अपने चाचा शिव पाल सिंह यादव का आशीर्वाद लेने उनके घर पर पहुंच गए।शिव पाल सिंह यादव ने भी गिलेशिकवे मिटा कर भतीजे का स्वागत किया।

बाइट ………….
Dipu बाई नाम सुनकर लिख लीजिए आगे का प्रश्न काट दीजियेगा

कहा जा रहा था BJP ने इस बार मुलायम सिंह यादव की दूसरी बहू अपर्णा सिंह बिष्ट को मैनपुरी लोकसभा सीट से उतारने की रणनीति बनाई है लेकिन अपर्णा को भी डिंपल यादव ने मना लिया है।हालांकि मैनपुरी लोकसभा सीट की जीत हार से मोदी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर ये जीत और हार खासा असर डालेगी।इस की बानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि BJP ने अपने प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य के नॉमिनेशन में प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी CM को भेजा लेकिन ज्योतिष शास्त्र की गड़ना को देखते हुए रघुराज ने स्व0 मुलायम सिंह यादव की समाधि पर मत्था टेक कर नॉमिनेशन कर दिया।कांग्रेस, बसपा इस उपचुनाव में अपना कैंडिडेट न उतार कर इस मुकाबले को देखने का मन बनाया है।जिससे ये मुकाबला हाई प्रोफाइल बन गया है।अब अखिलेश कुनबे का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से है।देखना दिलचस्प होगा कि 5 दिसंबर को होने वाले मतदान में जनता धरती पुत्र के करीबी राधुराज सिंह शाक्य पर भरोसा करती है या मुलायम सिंह यादव की बहू को उनकी सीट पर बैठाती है।

 

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