उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में हुआ नाटक प्रणाम काकोरी

काकोरी कांड की याद ताजा कर गया नाटक ‘प्रणाम काकोरी’
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा मासिक नाट्य योजना के तहत शुक्रवार को शिवा सक्सेना के निर्देशन एवं महेश सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘प्रणाम काकोरी’ का मंचन सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में किया गया। नाटक प्रणाम काकोरी ने एक बार फिर काकोरी एक्शन की याद ताजा कर दी। नाटक की शुरूआत वंदेमातरम के जयघोष के साथ होता है। यह नाटक उन क्रांतिकारियों के बलिदान की गाथा थी, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देश की आजादी के लिए कुर्बान कर दी। स्वतंत्रता आंदोलन को रफ्तार देने के लिए एंव ब्रिटिश हुकुमत से लोहा लेने के लिए क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल और ठाकुर रोशन सिंह एक बैठक बुलाई और जंग जीतने के मकसद से हथियार खरीदने का फैसला किया, लेकिन हथियार खरीदने के लिए पैसा कहां से आए, इसके लिए बैठक में सरकारी खजाना लूटने का फैसला लिया जाता है। राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में इस घटना को अंजाम दिया जाता है। काकोरी ट्रेन एक्शन के दृश्य को इस तरह मंचित किया गया कि प्रेक्षागृह में बैठे दर्शक कौतूहलवश देखते रहे। मंच पर प्रतीकात्मक ट्रेन दौड़ती नजर आई। ब्रिटिश हुकुमत द्वारा क्रांतिकारियों को फांसी पर लटकाने के दृश्य को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। नाटक में मोहित कनौजिया ने पं राम प्रसाद बिस्मिल, अनमोह सिंह ने ठाकुर रौशन सिंह, अंकित अवस्थी ने चन्द्रशेखर आजाद व मोहित वाजपेयी ने अशफाक उल्ला के चरित्र को बखूबी से निभाया। उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस मौके पर केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
