राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह और सुरक्षा में लगे गनर की गोली मार कर हत्या, एक सिपाही की हालत गंभीर,घटना CCTV में कैद

फाइल फोटो-उमेश पाल
रिपोर्ट:कुलदीप शुक्ला
प्रयागराज
पूर्व MLA राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की गोलियों से भूनकर सड़क पर दौड़ा दौड़ा कर हत्या कर दी गई।25 जनवरी 2005 को इसी सड़क पर पूर्व विधायक राजू पाल की भी इसी तरह सड़क पर दौड़ा दौड़ा कर हत्या कर दी गई थी।उमेश पाल हत्याकांड की पूरी घटना CCTV में कैद हो गई।पुलिस इस हत्याकांड का CCTV देखकर हत्यारों को पकड़ने के लिए टीम बनाकर दबिश दे रही है।
बहुजन समाज पार्टी के विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड मामले के मुख्य गवाह उमेश पाल के घर में घुस कर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। जिससे वह और उसकी सुरक्षा में लगे दो सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां पर उमेश पाल और एक सिपाही की मौत हो गई। जबकि दूसरे का इलाज चल रहा है।
धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेम सराय में आज शाम को उमेश पाल के घर में घुस कर हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोली और बमों से हमला किया। घटना के बाद हमलावर पूरे इलाके को बम से थर्राते हुए फरार हो गए।
घटना के बाद तीनों को अस्पताल ले जाया गया। जहां उमेश पाल समेत एक गनर की मौत हो गई।
गौरतलब है कि 25 जनवरी, 2005 को इलाहाबाद पश्चिमी से बसपा विधायक रहे राजू पाल की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस गोलीबारी में देवी पाल और संदीप यादव की भी मौत हुई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उमेश पाल इसी मामले में मुख्य गवाह था। इस मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद व उनके छोटे भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ समेत अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
राजू पाल हत्याकांड में जब उमेश गवाह बने तो 28 फरवरी 2008 को उमेश का अपहरण कर लिया गया था। उनके साथ मारपीट की गई। धमकी दी गई, गवाही दी तो मार दिया जाएगा। बाद में उन्हें छोड़ा गया तो उन्होंने अतीक, अशरफ समेत गिरोह के कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी
इसके बाद 11 जुलाई 2016 को उमेश गवाही देने कचहरी गए थे। उन पर कचहरी परिसर में ही जानलेवा हमला किया गया। उमेश ने अतीक, अशरफ समेत गिरोह के तमाम लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दोनों मामले अब कोर्ट में चल रहे हैं। इसके अलावा 2022 में जान से मारने की धमकी और एक अन्य मामले में एफ आई आर लिखाई गई थी।
