यूनानी कॉलेज प्रयागराज में
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग सप्ताह का हुआ भव्य उद्घाटन
योग भारतीय ज्ञान परम्परा की अमूल्य धरोहर- हर्षवर्धन बाजपेयी
योग मात्र आसन नहीं समग्र स्वास्थ्य की साधना – डॉ जी एस तोमर

प्रयागराज : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की पूर्व तैयारियों के अंतर्गत राज्य यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, प्रयागराज के हकीम अहमद उस्मानी ऑडिटोरियम में योग सप्ताह का उद्घाटन कार्यक्रम बड़े उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री हर्षवर्धन (विधायक, प्रयागराज) थे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वसीम अहमद ने की। सारस्वत अतिथि के रूप में राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय हण्डिया के पूर्व प्राचार्य प्रो जी एस तोमर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्थापक उस्मानी परिवार के प्रतिनिधि डॉ. वक्कास उस्मानी उपस्थित रहे । योग नोडल अधिकारी प्रोफेसर मोहम्मद आसिफ हुसैन उस्मानी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महाविद्यालय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। डॉ वक्कास उस्मानी ने कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति के साथ यूनानी चिकित्सा पद्धति को समन्वित करने की अत्यंत आवश्यकता है। सारस्वत अतिथि प्रोफेसर जी. एस. तोमर ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए इस वर्ष के थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” को मात्र एक विचार नहीं, जीवन का मूल आधार बताया । इस थीम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना, सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना और उम्र के हर पड़ाव में स्वतंत्रता एवं सम्मानजनक जीवन को प्रोत्साहित करना है । डॉ तोमर ने योग को मात्र आसन नहीं समग्र स्वास्थ्य की साधना बताया । योग प्रशिक्षक श्री निशांत कुमार झा ने कहा कि विशेष रूप से 40 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक व्यक्ति को योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बना लेना चाहिए। मुख्य अतिथि श्री हर्षवर्धन ने महाविद्यालय से अपने बचपन के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस महाविद्यालय और इससे जुड़े लोगों के साथ मेरा गहरा भावनात्मक संबंध है। योग न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। आपने इसके संबंध में ऐतिहासिक एवं वैश्विक संदर्भ भी प्रस्तुत किए हैं। मैं महाविद्यालय के विकास और कल्याण हेतु सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहूँगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वसीम अहमद ने सभी अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय के सभी शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारी योग से निरंतर जुड़े रहें तथा अपने मित्रों और परिजनों को भी इसकी उपयोगिता के प्रति जागरूक करें ।कार्यक्रम का संचालन डॉ. बिलाल अहमद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरशद काफी ने प्रस्तुत किया।
उत्तर प्रदेश के निदेशक, यूनानी सेवाएँ, प्रोफेसर (डॉ.) जमाल अख्तर ने कार्यक्रम की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन एवं आत्मा को भी शांति प्रदान करता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
