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दूषित वातावरण से गंभीर हालत और बीमारियों की बौछार प्राकृतिक रूप से जरूर होगी,राजेश शर्मा संयोजक नमामि गंगे

दूषित वातावरण से गंभीर हालत और बीमारियों की बौछार प्राकृतिक रूप से जरूर होगी,राजेश शर्मा संयोजक नमामि गंगे


प्रयागराज संगम क्षेत्र में प्रवेश करते ही ढेर सारा कूड़ा करता स्वागत,अटल बिहारी वाजपेयी नगर के नवीन यमुना सेतु चौराहा से गंगा प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय के बीच एवं पुराने यमुना सेतु से संगम जाने वाली त्रिवेणी रोड पर प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर के पास श्री हनुमान जी के मंदिर के बगल में कूड़े से गड्ढे को पाटने की रणनीति जोरशोर से अपनाई जा रही हैं,स्थानीय धार्मिक एवं तीर्थयात्रियों लोगों की नाराजगी जाहिर होने पर शर्मा ने मौके पर हालात को देखकर तत्पश्चात नमामि गंगे की ओर से रीता बहुगुणा जोशी सांसद एवं संजय कुमार खत्री जिलाधिकारी, मोहम्मद समीर इस्लाम सीईओ कंटूमेंट बोल्ड प्रयागराज को पत्र लिखकर सूचित किया,जिससे गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर संगम क्षेत्र में निरंतर स्वच्छता का वातावरण शुद्ध रहे,प्रयागराज के प्रथम नागरिक उमेश चंद्र गणेश केशरवानी महापौर से मिलकर कूड़ा फेकने वालो के विरुद्ध शिकायत किया, महापौर ने तत्काल विभागीय जांच के साथ उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया,जय त्रिवेणी जय प्रयागराज आरती समिती एवं हरिहर आरती समिति गंगा दशहरा पर्व पर भव्यता से मनाया जा रहा है,नमामि गंगे के तत्वावधान में हरिहर गंगा आरती समिति की ओर से वर्षों से माँ गंगा की आरती के माध्यम से नदी तट पर स्वच्छता का वातावरण बनाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग रहा, नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ  के सहयोग से गंगा जल पर्यावरण संरक्षण हेतु विभिन्न योजनाओं में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति के राह पर कार्य चल रहा है,जिससे आमजन को राहत मिला,जिला गंगा समिति प्रयागराज के तत्वावधान में गंगा उत्सव स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान बृहद वृक्षारोपण नुक्कड़ नाटक पेंटिंग प्रतियोगिता अत्यधिक बैनर पोस्टर के प्रसार प्रचार से सरकारी बजट खर्च करके जिस प्रकार से प्रसिद्धि हासिल किया है,उसको देखकर आमलोगों को पूर्व में किये गए वृक्षारोपण की जगह पर गर्मी के मौसम में पौधों की देखरेख पानी डालने के लिए गूगल पर लोकेशन फीड जरूर करना चाहिए,जिससे फोटो और वीडियो को राष्ट्रीय स्तर पर गंगा जल पर्यावरण संरक्षण हेतु डिजिटल प्रचार प्रसार की आवश्यकता है,जिससे डिजिटल इंडिया से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्वच्छता और जागरूकता अभियान का आवंटित बजट खर्च में भारी कमी आएगी,जैसे बीते सालों में करोड़ो इंसान की जान बचाने में भारत सरकार मोबाइल कॉलरट्यून के सहारे कोरोना वायरस की रोकथाम से लोगो की जान बचाया था,वैसे ही गंगा और पर्यावरण को शुद्ध रखने का संदेश मोबाइल कॉलरट्यून पर ऑटोमेटिक बजनी चाहिये,राजेश शर्मा ने कहा जिस तरह गंगा तट के स्थानीय नागरिकों ने पवित्र नदी को प्रदूषित होते देखा तो माँ गंगा की मूर्ति स्थापित करके हिन्दू धार्मिक परंपरा को जीवित करने पर बल दिया,राजेश शर्मा ने बताया जो लोग गंगा नदी का पूजन नही कर पा रहे हैं,उन्हें गंगा गंगा जो नर कहिये भूखा न एकउ रहिये का जाप करके गंगा दर्शन स्नान का पुण्य मिलता है,वर्षों से कई विभाग और सामाजिक संगठनों ने प्रयागराज व अन्य शहरों को हराभरा करने की तमाम कोशिश लगातार कर रहे है,कितने पौधे लगे कितने जीवित है ये चिंता का विषय है,राजेश शर्मा ने कहा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को चिपकू आंदोलन की तरह छाव एवं फलदार वृक्षों को लगाना पड़ेगा,नही तो भीषण गर्मी के मौषम में इंसान का शरीर भूंजे हुए चने की तरह फूटने पर मजबूर होगा,दूषित हवा पानी से लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

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