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प्राकृतिक संसाधनों का समुचित प्रयोग करके वैश्विक उष्णन,वैस्विक वातावरणीय परिवर्तन को कम किया जा सकता है-डॉ आदिनाथ

प्राकृतिक संसाधनों का समुचित प्रयोग करके वैश्विक उष्णन,वैस्विक वातावरणीय परिवर्तन को कम किया जा सकता है-डॉ आदिनाथ


नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय के अपशिष्ट प्रबंधन व हरित लेखांकन समिति तथा वनस्पति विज्ञान विभाग व भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस के उपलक्ष्य में साप्ताहिक प्रशिक्षण प्रोग्राम में आज दिनांक 8 जून 2023 को वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आदि नाथ ने ने बताया कि कार्बन तटस्थता हेतु जैव उपचार,जैव नियंत्रण,जैवक्षय,जैवनिम्नीकरण, जैवखाद,जैवसंभरन को अपनाकर ब्रह्माण्ड के सत्वभूत निर्माणकारी तत्वों को प्रकृति की विधाओं से सीखकर,जल सरंक्षण मृदा मरुभुमिकरण को रोकने, दूषित जल उपचार,जल की गुणवत्ता को बढ़ाने,बढ़ते ताप को रोकने,परातापीय क्षय को संतुलित करके प्लास्टिक के प्रयोग नकारना,प्राकृतिक संसाधनों का समुचित प्रयोग करके वैश्विक उष्णन,वैस्विक वातावरणीय परिवर्तन को कम किया जा सकता है,आज चौथे दिन बी.एड.एम.एड. शिक्षक प्रक्षिक्षण के छात्रों को शिक्षक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ श्रवण कुमार मिश्रा के नेतृत्व में खर पतवार गाजर घास के नियंत्रण के लिए सघन प्रशिक्षण अभ्यास करवाया गया,इस अवसर पर डॉ. संजय भारती,डॉ. शक्तिनाथ त्रिपाठी,डॉ. धीरज पांडे,डॉ. अनीता सिंह,डॉ राघवेन्द्र मालवीय,डॉ. रामेंद्र,डॉ अभिषेक,श्री राम भजन यादव, अंशुमान दुबे,शशिकांत दुबे, ऋषिराज सहित सैकड़ों छात्र/छात्रा सम्मिलित रहे।

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