अखिल भारतीय मालवीय सभा ने मनाया अमर शहीद रमेश दत्त मालवीय का शहीदी दिवस

आज दिनांक 12.अगस्त 2023 को अखिल भारतीय मालवीय सभा के तत्वावधान में अमर शहीद रमेश दत्त मालवीय का 81वाँ शहीदी दिवस इनके शहीद स्थल लोकनाथ चौराहे पर राष्ट्रीय ध्वज स्थल पर मनाया गया।

इस अवसर पर स्वर्गीय रमेश दत्त मालवीय के चित्र पर उपस्थित जनों ने पुष्पपांजलि अर्पित की गई । इस दौरान अखिल भारतीय मालवीय सभा के प्रिंट मीडिया प्रभारी श्री गोपाल जी मालवीय ने श्री रमेश दत्त मालवीय के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि, प्रयागराज के लोकनाथ मोहल्ले में रहने वाले रमेश दत्त मालवीय जब बच्चों की उम्र स्कूल जाने और खेलने की होती है, महज 14 साल की छोटी सी उम्र में देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। ज्ञात हो कि, ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन’ के तहत प्रयागराज में 12 अगस्त 1942 की दोपहर में लोकनाथ मोहल्ले से एक जुलूस अंग्रेजी सेना की खिलाफत करते हुए कोतवाली की तरफ बढ़ रहा था। कोतवाली के पास पहुंचने पर सामने से अंग्रेजी हुकूमत की फौज जुलूस को रोकने के लिए तैनात थी। अंग्रेजी सेना स्वतंत्रता सेनानियों के जुलूस को रोकने लगी. जिसके बाद दोनों तरफ से झड़प होने लगी। उसी दौरान बलूच रेजीमेंट कोतवाली पर पहुंच गई. जिसके बाद आंदोलनकारियों को रोकने के लिए बलूच रेजीमेंट की तरफ से लाठीचार्ज कर दिया गया। उसके बावजूद आजादी के दीवानों ने गगनभेदी नारे लगाते हुए अंग्रेजी सेना से मुकाबला किया, लेकिन अंग्रेजों की बर्बरतापूर्वक किए जा रहे लाठी चार्ज से घायल लोगों के लहू को देखकर 14 साल के रमेश दत्त मालवीय का खून खौल उठा। रमेश मालवीय अपने हाथों में पत्थर लेकर जुलूस की अगुवाई करते हुए सभी से आगे बढ़ने की अपील करते हुए कोतवाली की तरफ बढ़ने लगे। इसके बाद बलूच रेजीमेंट के सार्जेंट ने आगे बढ़ कर मोर्चा संभाला। रमेश दत्त मालवीय ने अचूक निशाना लगाते हुए सार्जेंट को पत्थर मारकर उसकी आंख फोड़ दी। सार्जेंट की आंख में चोट लगने के बाद अंग्रेजी सेना ने फायरिंग शुरू कर दी और सार्जेंट को पत्थर मारने वाले रमेश मालवीय की आंख के नीचे गोली मार दी गई। अंग्रेजों की गोली लगने से रमेश मालवीय वहीं गिरकर वीरगति को प्राप्त हो गए।
आज के इस कार्यक्रम में स्वर्गीय रमेश दत्त मालवीय के भाई गणेश दत तिवारी जी एवं भतीजे सुभाष तिवारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अखिल भारती मालवीय सभा के अध्यक्ष अशोक मालवीय, कोषाध्यक्ष रोहित मालवीय, महामंत्री विकास मालवीय, वीरेंद्र मालवीय, एडवोकेट पियूष मालवीय सहित मालवीय सभा के अन्य पदाधिकारी एवं आम जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
