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धर्म/संस्कृति

देश दुनिया में सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में संत समाज की निर्णायक भूमिका -आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी

देश दुनिया में सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में संत समाज की निर्णायक भूमिका -आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी

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देश दुनिया में सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में संत समाज की निर्णायक भूमिका -आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी स्वामी अरूण गिरी ने वरिष्ठ पत्रकार नीतिशा बंसल को बनाया अपनी मीडिया प्रभारी. हरिद्वार। आह्वान अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरी महाराज ने वरिष्ठ पत्रकार नीतिशा बंसल को अपना मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है।। नीतिशा बंसल को देश के कई बड़े संतों का आशीर्वाद प्राप्त है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी महाराज ने नीतिशा बंसल को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए। देश दुनिया में सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में संत समाज निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। स्वामी अरूण गिरी महाराज ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी होनी चाहिए। महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को दिखा...
दरबारे सफ़वी के एक रोजा उर्स दूर दराज़ से पहुँचे अकीदतमंदमु,ल्क में अमन, शांति व भाइचारे की मांगी गई दुआएं

दरबारे सफ़वी के एक रोजा उर्स दूर दराज़ से पहुँचे अकीदतमंदमु,ल्क में अमन, शांति व भाइचारे की मांगी गई दुआएं

धर्म/संस्कृति
दरबारे सफ़वी के एक रोजा उर्स दूर दराज़ से पहुँचे अकीदतमंदमु,ल्क में अमन, शांति व भाइचारे की मांगी गई दुआएं प्रयागराज। दरबारे सफ़वी खानकाह शाहनूर अली गंज में हज़रत मौलाना मोहिबुल्लाह शाह अलमरूफ़ हकीम मोहम्मद हामिद चिश्ती, निज़ामी, सफ़वी, क़ादरी का एक रोज़ा सालाना उर्स अकीदत व रस्मो के साथ रविवार को सम्पन्न हुआ। उर्स का आगाज सुबह फ़ज़र की नमाज़ के बाद कुरानख्वानी से शुरू हुआ। सुबह 10 बजे ग़ुस्ल, गागर, चादर की रस्म कब्रिस्तान काला डंडा हिम्मतगंज में पूरी हुई। महफ़िल शमा बाद नमाज़े जोहर (2:00pm) शुरू हुई जिसमें हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल मोइन ताज (उन्नाव) व कव्वाल इब्राहीम (जबलपुर) ने अपने अपने कलाम से महफ़िल में आये ज़ायरीनों को झूमने पर मजबूर कर दिया। महफिले शमा के बाद 3 बजकर 55 मिनट पर कुल की फातेहा के साथ उर्स सम्पन्न हुआ। उर्स की सभी रस्मे दरबारे सफ़वी के सज्जादानशीन अल्हाज हकीम रिज़वान हामिद सफ़वी...
द्धपीठ हथियाराम मठ में सांसद अफजाल अंसारी ने नवाया शीश,पीठाधीश्वर के चरणों में बैठे दिखे इस्लाम धर्म के अनुयाई अफजाल अंसारी

द्धपीठ हथियाराम मठ में सांसद अफजाल अंसारी ने नवाया शीश,पीठाधीश्वर के चरणों में बैठे दिखे इस्लाम धर्म के अनुयाई अफजाल अंसारी

धर्म/संस्कृति
द्धपीठ हथियाराम मठ में सांसद अफजाल अंसारी ने नवाया शीश,पीठाधीश्वर के चरणों में बैठे दिखे इस्लाम धर्म के अनुयाई अफजाल अंसारी अतिप्राचीन मठ है हथियाराम मठ, एक हजार साल से मां दुर्गा यहां बुढ़िया माई के रूप में विराजमान हैं।मोहन भागवत भी यहां बुढ़िया माई के दर्शन पूजन के लिए आते हैं और रुकते भी हैं।गाजीपुर के जखनियां क्षेत्र के भुडकुड़ा थाना क्षेत्र में हजारों साल की परम्परा संजोए है ये मठ।गाजीपुर, सपा सांसद अफ़ज़ाल अंसारी ने 'सिद्धपीठ हथियाराम मठ में बुढ़ियामाई' का विधिवत दर्शन एवं पूजन किये। तत्पश्चात पीठाधीश्वर भवानी नन्दन यति जी महाराज का भी आशीर्वाद प्राप्त किए। पूजा उपरांत मां की चुनरी पहने अंसारी का फोटो सामने आया है, ये वही मठ है जहां मोहन भागवत पिछले दिनों आए थे और आगामी 1 जुलाई को भी उनके आगमन की सूचना है। जबकि अफजाल अंसारी संघ और भाजपा को लेकर जनता में हमलावर रहते ह...
मां के बिना जीवन नहीं (महंत जगतार मुनी)

मां के बिना जीवन नहीं (महंत जगतार मुनी)

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मां के बिना जीवन नहीं (महंत जगतार मुनी) मां के आगे ईश्वर भी नतमस्तक होता है ( ओंकारनाथ त्रिपाठी) ================== मातृ शक्तियों के सम्मान में पुष्प वर्षा करते हुए किया गया पूजन वंदन आरती ================= अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के प्रांगण में समाजसेवी एवं जनहित संघर्ष समिति के युवा अध्यक्ष अभिलाष केसरवानी के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मातृ शक्तियों को सम्मानित करते हुए आरती पूजन वंदन किया गया इस अवसर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जय शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओंकारनाथ त्रिपाठी एवं श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के पूज्य महंत जगतार मुनि जी ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी ताकत और शक्ति मां होती जिसके आगे ईश्वर भी नतमस्तक होता है और उसकी गोद में खेलता है और कहा कि मृत्यु के हजारों रास्ते हैं पर जीवन प्राप्त करने का सिर्फ एक ही मार्ग है वो...
सम्पूर्ण परिसर में गूंजा वैदिक मंत्रोच्चार,कुलपति ने आदि शंकराचार्य जी की वृहद् प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधि-विधान से 1236 वीं जयंती मनाई गई

सम्पूर्ण परिसर में गूंजा वैदिक मंत्रोच्चार,कुलपति ने आदि शंकराचार्य जी की वृहद् प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधि-विधान से 1236 वीं जयंती मनाई गई

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सम्पूर्ण परिसर में गूंजा वैदिक मंत्रोच्चार,कुलपति ने आदि शंकराचार्य जी की वृहद् प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधि-विधान से 1236 वीं जयंती मनाई गई   शंकराचार्य जी ने मानवता के लिए आध्यात्मिक ज्ञान का मार्ग प्रशस्त किया--- कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा.. सुशील कुमार मिश्र उजाला शिखर /वाराणसी विश्वविद्यालय में आज आदि शंकराचार्य की 1236 वीं जयंती समारोह मनाया जा रहा है,जिन्होंने मानवता के लिए आध्यात्मिक ज्ञान का मार्ग प्रशस्त किया। भारतीय दर्शन, विशेष रूप से अद्वैत वेदांत में उनके गहन योगदान ने हमारी सांस्कृतिक विरासत पर एक अमिट छाप छोड़ी है।जो कि उन्होंने दुनिया में हिन्दू संस्कृति के पतन के समय इसे पुनर्जीवित किया। विश्व कल्याण,संस्था की समृद्धि एवं हमारी विरासत संस्कृत के संरक्षण- संवर्धन के लिए प्रार्थना-- उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्...
अक्षय पुण्य की प्राप्ति को संगम में लगी पुण्य की डुपकी, श्रद्धालुओं ने किया दान पुण्य 

अक्षय पुण्य की प्राप्ति को संगम में लगी पुण्य की डुपकी, श्रद्धालुओं ने किया दान पुण्य 

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अक्षय पुण्य की प्राप्ति को संगम में लगी पुण्य की डुपकी, श्रद्धालुओं ने किया दान पुण्य    प्रयागराज के संगम तट पर अक्षय तृतीया के मौके पर स्नान करने के लिए श्रद्धालु सुबह से पहुंचकर स्नान कर रहे हैं। गंगा यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी की धारा में स्नान किया और दान पुन्य कर अक्षय पुण्य की प्राप्ति की । पौराणिक मान्यता है, की संगम में डुबकी लगाने के बाद तट पर स्थित अक्षय वट के नीचे पूजा अर्चना करने से जो पुण्य फल अर्जित होता है जो कभी ख़त्म नहीं होता । श्रद्धालु विष्णु के अवतार वेणी माधव के दर्शन करने के बाद अक्षय वट के नीचे आराधना पूजा कर अपना पुरुषार्थ अच्छा बना रहे हैं | मान्यता यह भी है की स्रष्टि के नष्ट होने के बाद आई प्रलय में भगवान विष्णु बालमुकुन्द का रूप धारण कर बाल रूप में एक पीपल के पत्ते में लेटकर जल में विचरण करते हैं। उस समय यही अक्षय वट उनका अंश बनकर ...
ओंकार सेवा समिति के तत्वावधान में प्रयाग गौरव सम्मान एवं विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन 

ओंकार सेवा समिति के तत्वावधान में प्रयाग गौरव सम्मान एवं विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन 

धर्म/संस्कृति
ओंकार सेवा समिति के तत्वावधान में प्रयाग गौरव सम्मान एवं विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन  ओंकार सेवा समिति के तत्वावधान में हिंदुस्तानी एकेडमी में प्रयाग गौरव सम्मान हेतु विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया तथा विशिष्ठ जानो को प्रयाग गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया l कार्यक्रम का सुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ इस अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीत विभाग के प्रोफेसर अमित कुमार उपाध्याय, ज्योतिषाचार्य अश्विनि कुमार द्विवेदी, डा. बीनू सिंह , दंत चिकित्सक डा. रंजन बाजपेई, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी की निदेशक डा. श्रद्धा शुक्ला , डा. वंदना उपाध्याय तथा डा. मनोज कुमार यादव को प्रयाग गौरव सम्मान प्रदान किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी हरिचैतन्यब्रह्मचारी ने एव॔ कार्यक्रम के मुख्यअतिथि उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष ...
“जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मोत्सव धूम धाम से मनाया गया”

“जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मोत्सव धूम धाम से मनाया गया”

धर्म/संस्कृति
  "जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मोत्सव धूम धाम से मनाया गया"   प्रयागराज । सत्य अहिंसा के प्रेरक जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर की २६२३ जन्म जयंती नगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर प्रातः प्रभात फेरी एवं 8:30 बजे मंदिर जी के शिखर पर ध्वजारोहण हुआ । विशाल शोभायात्रा प्रातः 10 बजे जीरो रोड स्थित दिगंबर जैन पंचायती मंदिर, प्रयाग के तत्वाधान में शुरू हुई जिसमे अनेक बैंड बाजे, ऐरावत हाथी, झाकियां आदि समलित रहीं । रथ में महावीर की प्रतिमा विराजमान थीं । रथ में मुकुट माला आदि इंद्रों के वेश में केसरिया वस्त्रों में चवर चला रहें थे । सौधर्म इंद्र के वेश में श्री अजय जैन भगवान की प्रतिमा को लिए हुए थे और सारथी के वेश में अमन जैन सुशोभित रहे ।   रथयात्रा में अनेकों श्रद्धालु केसरिया वस्त्र पहने "जियो और जीनों दो" , "अहिंसा परमो धर्म"...
तीन सौ किताबें लिखने वाले अल्लामा ज़ीशान हैदर जव्वादी की बरसी पर पेश कि गई खेराजे अक़िदत

तीन सौ किताबें लिखने वाले अल्लामा ज़ीशान हैदर जव्वादी की बरसी पर पेश कि गई खेराजे अक़िदत

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तीन सौ किताबें लिखने वाले अल्लामा ज़ीशान हैदर जव्वादी की बरसी पर पेश कि गई खेराजे अक़िदत प्रयागराज के बड़े और ख्याति प्राप्त अज़ीमुश्शान मज़हबी रहनुमा अल्लामा ज़ीशान हैदर जव्वादी की चौबीसवीं बरसी पर शहर के मुख्तलिफ तन्ज़ीमों व अदारों के साथ ओलमा ने खेराजे अक़िदत पेश कि। मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाज़ार में खानवादा ए अल्लामा जव्वादी की ओर से बरसी की मजलिस में उनके क़ायम किए गए मदरसे जामिया अनवारुल उलूम के उस्ताद छात्र व बड़ी संख्या में ओलमा ने शिरकत कि। हुज्जतुल इस्लाम मौलाना कमाल अहमद खां साहब क़िब्ला ने मजलिस को खेताब करते हुए उनकी ख़िदमात ए ख़ल्क़ व उनके द्वारा लिखी गई तीन सौ किताबों का हवाला देते हुए तफसीली तक़रीर कि।मजलिस का आग़ाज़ मौलाना मोहम्मद ताहिर की तिलावत ए कलाम ए पाक से हुआ।कई शायरों ने ताज़ियती नज़्म भी पेश कि।उम्मुल बनीन सोसायटी के महासचिव सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार ...
मां कल्याणी ने दिए भक्तों को स्कंद माता के रूप में दर्शन

मां कल्याणी ने दिए भक्तों को स्कंद माता के रूप में दर्शन

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मां कल्याणी ने दिए भक्तों को स्कंद माता के रूप में दर्शन श्री नव संवत्सर मानव समिति कल्याणी देवी प्रयागराज के द्वारा मां कल्याणी देवी के परिसर में आयोजित 52 वीं संगीतमय श्री राम कथा के पंचम दिवस पर भक्तों को राम कथा का रसपान कराते हुए पूज्य व्यास डॉक्टर अनिरुद्ध जी महाराज ने भरत चरित्र पर दर्शन डालते हुए कहा कि भरत वास्तव में स्वयं में त्यागी है और भरत जी भारत देश के भरत में त्याग की भावना भर देते हैं व्यास जी कथा सुनाते हुए आगे कहते हैं कि भरत जी राम की वनवास प्राप्त राजगद्दी को छोड़कर कहते हैं कि भोर होते ही मैं चला जाऊंगा जहां भगवान राम चले गए हैं और कहते हैं संपत्ति सब रघुपति के आहीं अर्थात सारी संपदा राम की है और यही संपदा ही भगवान राम के दर्शन में बाधक है इसीलिए इसे तत्काल छोड़ देना चाहिए और तब वशिष्ठ मुनि ने राय दिया की तिलक चंदन सब लेते चलो और वहीं राम जी का राजतिलक कर दे...