*रानीमण्डी मे जश्ने ईद मिलादुन्नबी की महफिल मे शायरों ने पढ़े नबी ए करीम की शान मे क़सीदे*
*रानीमण्डी मे जश्ने ईद मिलादुन्नबी की महफिल मे शायरों ने पढ़े नबी ए करीम की शान मे क़सीदे*
पैग़म्बरे इसलाम हज़रत मोहम्मदे मुस्तफा की यौमे विलादत सत्तराह रबिउल अव्वल को रानीमण्डी धरमशाला के सामने इमामबाड़़ा मीर हुसैनी मे जश्ने ईद मीलादुन्नबी नबी की सजाई गई महफिल मे जहाँ आलिम व ज़ाकिरीन ने नबी ए पाक की अज़मत और उनकी पाकीज़ा शख्सियत का ज़िक्र किया वहीं शायरों ने एक से बढ़ कर एक नातिया कलाम से वाह वाही बटोरी।नाज़िम ए नजफे अशरफ आफताबे निज़ामत बहलोले हिन्द जनाब नजीब इलाहाबादी के जोशीले अशआरो की रुहानी तकबीर ,सलातो सलाम के नारों के बीच शायरों को एक एक कर दावते सुखन देकर अशआर पढ़ाए गए।पैग़म्बरे इसलाम व इमाम जाफरे सादिक़ की विलादत बा सआदत के मौक़े पर शायरों ने अपने कलाम से महफिल को नुरानी बना दिया।मौलाना सैय्मद रज़ी हैदर साहब क़िबला ने पैग़म्बर को इन्सानो के लिए रहमतुल्लिआलेमीन बताया।अल्लाह की रज़ा के लिए ख...









