रानी रेवती देवी कॉलेज ने चंद्रयान-3 की सफलता की संगीतमय शुभकामनाएं प्रदान की

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला विश्व का पहला राष्ट्र बना भारत- बांके बिहारी पांडे, विद्या भारती से संबद्ध काशी प्रांत के रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर प्रयागराज के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडे के मार्गदर्शन में चंद्रयान-3 मिशन में लैंडर विक्रम के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर शाफ्ट लैंडिंग की इसरो के वैज्ञानिकों के साथ-साथ देश के समस्त वैज्ञानिकों एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने संगीताचार्य मनोज गुप्ता के निर्देशन में गीतों के माध्यम से संगीतमय हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं प्रदान की l
कवि जयकृष्ण राय “तुषार” का लिखा गीत “चांद हमारी मुट्ठी में जय बोलो हिंदुस्तान की, भारत माता पुण्य भूमि है ज्ञान और विज्ञान की “डॉ श्लेष गौतम का लिखा गीत “आज मगर सारी दुनिया को भारत ने दिखलाया है , चांद तेरी धरती पर तिरंगा भारत का लहराया है” तथा राजेश श्रीवास्तव का लिखा गीत “ज्ञान चला विज्ञान चला प्रज्ञान चला प्रज्ञान चला, अंतरिक्ष को चीर चला पीएसएलवी बलवीर चला” को विद्यालय की छात्राओं ने विद्यालय के संगीताचार्य मनोज गुप्ता के निर्देशन में मनमोहक स्वरों में प्रस्तुत करके मंत्रमुग्ध कर दिया l
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडे ने बताया कि चंद्रयान-3 मिशन में लैंडर विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर विश्व का पहला देश बन गया l चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग से पहले इसरो ने इस मिशन का उद्देश्य बताया था. इसरो के मुताबिक, ‘चंद्रयान-3’ ‘चंद्रयान-2’ का अनुवर्ती (फॉलोऑन) मिशन है. इसका प्राथमिक उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग का प्रदर्शन करना है. इसरो ने इस प्रक्रिया को भविष्य के इंटरप्लेनेटरी मिशनों के लिए एक अहम पहलू बताया है l उन्होंने बताया कि इसमें मुख्य रूप से एस. सोमनाथ, अध्यक्ष, इसरो
एस. उन्नीकृष्णन नायर, निदेशक, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र
पी. वीरमुथुवेल, परियोजना निदेशक, चंद्रयान-3.
एम. शंकरन, निदेशक, यू आर राव सैटेलाइट सेंटर शामिल है l
चंद्रयान-3 की इस सफलता पर विद्यालय प्रबंधतंत्र के अध्यक्ष डॉ आनंद श्रीवास्तव, प्रबंधक शिवकुमार पाल, कोषाध्यक्ष शरद गुप्त एवं विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राओं ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की l कार्यक्रम का संचालन प्रथम सहायक रमेश चंद्र मिश्र ने किया l
