गोपीगंज के सुजातपुर की प्रीति शुक्ला बनी सिविल जज,जिले में खुशी का माहौल

भदोही: भले ही लोगों का मानना है कि ग्रामीण परिवेश में जन्मे लोग उतनी तरक्की नहीं कर पाते, जितनी शहरी परिवेश में जन्मे बच्चे कर लेते हैं। एक समय यह बात भले ही सच साबित हुई हो लेकिन अब समय पूरी तरह से बदल गया है। अब न गाँव, न शहर, न बेटा-बेटी कोई मायने रखता है। आज केवल प्रतिभा, कड़ी मेहनत और समर्पण ही मायने रखता है। जिसके कारण आज बेटियां सभी परीक्षाओं में बेटों से आगे निकल रही हैं और ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवा अपनी मेहनत और लगन से नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं।अभी पिछले दिनों उत्तर प्रदेश पीसीएस-जे का परिणाम घोषित हुआ जिसमें कालीन नगरी भदोही के भी कई युवाओं ने सफलता हासिल की है। गोपीगंज क्षेत्र के सुजातपुर निवासी प्रीति शुक्ला ने सिविल जज की परीक्षा
प्रीति की इस सफलता को लेकर पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. प्रीति शुक्ला सुजातपुर निवासी पूर्व जिला आबकारी कमिश्नर कृष्णकांत शुक्ला की बेटी हैं। प्रीति के दादा स्वर्गीय रामनाथ शुक्ल स्वतंत्रता सेनानी थे,प्रीति के चाचा विजयकांत शुक्ला पुलिस विभाग दरोगा हैं। प्रीति शुक्ला ने बीएससी…बीएड और एलएलएम भी पास किया है। प्रीति शुक्ला ने अपने चौथे प्रयास में पीसीएस-जे क्वालिफाई किया। वहीं इससे पहले प्रीति ने साल 2021 और 2022 में लगातार दो बार गुजरात ज्यूडिशियरी में इंटरव्यू दिया था और इसी साल उत्तर प्रदेश एपीओ और उत्तर प्रदेश ज्यूडिशियरी में भी इंटरव्यू दिया था. प्रीति हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती भाषाओं में पारंगत हैं। प्रीति का ससुराल जगन्नाथपुर गांव में है और उनके पति का नाम दिलीप पांडे है. प्रीति शुरू से ही न्यायिक क्षेत्र में जाना चाहती थीं और उनका यह सपना पूरा भी हुआ। प्रीति ने बताया कि उनके आदर्श भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ हैं। क्योंकि जब प्रीति वकालत कर रही थीं तो वह उन्हें अपना आदर्श मानती थीं. इस सफलता पर बड़े पिता कमलापति शुक्ल, कैलाशपति शुक्ल,चाचा विजय कांत शुक्ल, अंकुश शुक्ल, शुभम शुक्ल समेत कई लोगों ने खुशी जाहिर की।
