यह भारत था, भारत है और भारत रहेगा -आचार्य रामचंद्र दास ” जय महाराज “

आचार्य रामचंद्र दास ” जय महाराज ने कहा कि “स्वर्ग में भी देवगण निरंतर यही गान करते हैं कि जिसने भारतवर्ष में जन्म लिया है, वे पुरुष हम देवताओं की अपेक्षा भी अधिक सौभाग्यशाली हैं।” उन्होंने कहा कि
भारत था, भारत है और भारत रहेगा. हम भारतीय हैं…जिसे सनातन से चिढ़ है वही इस तरह की बात करता है. संविधान में सनातन को पूरा महत्व दिया गया है. संविधान में किसी धर्म को समाप्त करने की बात है? …संविधान में भारत है, सनातन है, संस्कृति है इसलिए सनातन की निंदा को नहीं सहा जाएगा।
आचार्य रामचंद्र दास ” जय महाराज ” ने कहा कि सनातन का विरोध करने वाले राक्षसी मानसिकता के लोग हें, इनको पागलखाने भेज देना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के नेता जिस तरह से काम कर रहें है उसको देखकर लगता है कि बीजेपी और ज़्यादा सीटें लेकर आयेगी।
