पति की दीर्घायु के लिये सुहागिनों ने रखा तीज व्रत

महिलाओं ने सोलह सृंगार करके किया गौरा पार्वती का पूजन
हरतालिका तीज पर 30 घंटो का रखा निराजल व्रत
अखंड सौभाग्य की कामना से महिलाएं करती हैं तीज व्रत। उत्तर भारत सहित प्रयागराज के विभिन्न स्थानों पर विधि विधान से पूजा अर्चना कर मनाया गया हरतालिका तीज का पर्व.
हम बात करते हैं त्योहार की तो सबसे पहले नाम आता है तीज का तीज के साथ ही त्योहार का नाम लिया जाता है सनातन धर्म में हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व है. हरतालिका तीज व्रत हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इसे तीजा पर्व के नाम से भी जाना जाता है।इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. वही हरतालिका तीज का व्रत कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर प्राप्ति के लिए रखती हैं.जिसमें विधि विधान से गौरी शंकर की पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व माना गया है। इसी क्रम में रानी मंडी सहित प्रयागराज के विभिन्न स्थानों पर विधि विधान से पूजा अर्चना कर हरतालिका तीज का पर्व मनाया गया है।हरतालिका तीज का पर्व विधिविधान से सम्पन्न हो गया। व्रती महिलाओं के लिए भोर से ही खान पान की दुकानें खुल गई थी।लोग अपने घरों के लिए सामान खरीदते नजर आए।

