जैन अनुनायियो ने हर्सोउल्लास के साथ मनाया क्षमावणी,अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन हुए शामिल

प्रयागराज। नगर के जानकी प्रसाद दिगंबर जैन मंदिर जीरो रोड, दिगंबर जैन मंदिर बेनीगंज में आत्म शुद्धि, संयम व समर्पण के पर्व पर्यूषण के अवसर पर शनिवार को क्षमावाणी की पूजा हुई। प्रात ९ बजे मंदिर जी से पालकी पर भगवान महावीर की शोभायात्रा निकाली जिसमें श्रद्धालुओ ने ‘जियो और जीने दो ‘ और अहिंसा परमो धर्म के नारे लगाए।

इसके पश्चात मंदिर जी में मंत्रोच्चार के बीच भगवान का अभिषेक, शांतिधारा व पूजन किया गया।भगवान की शांतिधारा विष्णु शंकर जैन एडवोकेट, अभिषेक विनय जैन तुषार जैन एवं सर्वप्रथम आरती सोनल जैन अंकुर जैन सपरिवार द्वारा की गयी एवं भगवान का अभिषेक करने वाले श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ी रही।

जैन धर्मावलंबियों ने सालभर में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना की।
क्षमावाणी के अवसर पर मुनि पावन सागर महाराज ने बताया कि जैन धर्म में दस दिवसीय पर्यूषण पर्व ऐसा पर्व है जो उत्तम क्षमा से प्रारंभ होता है। क्षमा वाणी पर ही उसका समापन होता है। क्षमावाणी शब्द का सीधा अर्थ है कि व्यक्ति और उसकी वाणी में क्रोध, बैर, अभिमान, कपट व लोभ न हो।

अपने प्रतिद्वंद्वी एवं शत्रु के प्रति अक्रोधित बने रहकर उसे क्षमा किया जाए और उसके मन में मित्रता का भाव लाने की चेष्टा हो। अगर स्वयं के प्रति भी किंचित कोई गलती या अपराध हो जाए तो उसी समय कहा जाए कि मुझसे गलती हुई है, भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी, मुझे क्षमा कीजिए। यही क्षमावाणी है। वाणी में क्षमा का आना ही क्षमावाणी है। मनुष्य जीवन का उद्देश्य भी यही होना चाहिए कि वह दूसरों के प्रति अधिक उदार रहें। सभी के साथ मीठा बोलें और सभी के हृदय में उपस्थिति बनाएं। वाणी में संयम और अपने व्यवहार में मितव्ययता का ही पर्व है क्षमावाणी।
इस अवसर पर महिला मंडल की बाला जैन, विभा जैन एवं स्वाति जैन ने 2 दिन, 3 दिन, 5 दिन व 10
दिन का निर्जल उपवास करने वालो में चारु जैन, पिंकी जैन, पूनम जैन, प्रेमलता जैन, हैप्पी जैन, रीता जैन, हिना जैन, साक्षी जैन, रेनू जैन को नारियल भेंटकर सम्मानित किया।
कल 01 अक्टूबर दिन रविवार को तीर्थकर ऋषभदेव तपस्थली अंदावा में प्रात: 09 बजे से भगवान आदिनाथ का मस्तकाभिषेक एवं क्षमावाणी पर्व का आयोजन किया जायेगा।
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