तीर्थराज में नव दंपत्तियों को मिला अयोध्या के राम दरबार का चित्र,संगम नगरी में हुई 15 जोड़ों की अनूठी शादी

रिपोर्ट-आलोक मालवीय
संगम नगरी प्रयागराज में जायसवाल समाज ने 14 वें सामुहिक विवाह का आयोजन किया।इस आयोजन का उद्देश्य 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला की मूर्ति स्थापना के लिए लोगों को जागरूक करना था।इस शादी में बैंड था,बाजा था,बाराती थे और घराती थे और सभी के मन में थे मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम,सामुहिक विवाह के आयोजकों ने इस समारोह को मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के मंदिर को समर्पित कर दिया।

सामुहिक विवाह समारोह के पोस्टर और होर्डिंग में ये साफ दिख रहा था।हर जगह बसे थे बस श्री राम।15 जोड़ों का जयमाल कराया गया और उनको श्री राम दरबार देकर राम के आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी गई।साथ ही 22 जनवरी के बाद एक बार अयोध्या के राम लला का दर्शन करने के लिए प्रेरित भी किया।

प्रयागराज जायसवाल समाज का चौदहवां सामूहिक विवाह सम्पन्न,जोड़ों को दिया गया राम मंदिर। संगम नगरी प्रयागराज के जायसवाल समाज के द्वारा चौदहवां सामूहिक आयोजित किया गया।सामुहिक विवाह संयोजक एडवोकेट टी एन जायसवाल ने बताया कि इस सामुहिक विवाह समारोह में जायसवाल समाज के सभी वर्गों के गरीब जोड़ों का विवाह कराया गया।इस वर्ष विशेष रूप से अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का मॉडल सभी जोड़ों को दिया गया जिससे राम मंदिर मॉडल को घर घर पहुंचाया जा सके।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी प्रयागराज के नागकर अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा ने जोड़ों को आशीर्वाद दिया या7र इस पुनीत कार्य को संपादित करने के लिए जायसवाल समाज को बधाई दी।22 जनवरी को अयोध्या में राम लला की मूर्ति स्थापित की जाएगी।इस ऐतिहासिक उपलब्धि को जन जन तक पहुंचाने के लिए राम मंदिर को सभी वर वधुओ को दिया गया। विवाह में वर वधु को उनके गृहस्थी में उपयोगी सामानों को निःशुल्क दिया गया।

13 वर्षों तक सकुशल सामुहिक विवाह के आयोजनों को कराया गया है।इस वर्ष चौदहवां सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया गया।इस विवाह समारोह में 15 जोड़ो का विधि विधान से विवाह संपन्न कराया गया।

इस सामूहिक विवाह समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब वर वधु को समाज की रीतियों और नीतियों से परिचित कराना।इस अवसर पर जयसवाल समाज के द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन कराया गया।
