ईट भट्टे पर काम करने वाले दलित मजदूर की भट्टा मालिक के साथ सकरदहा पुलिस ने की पिटाई

रिपोर्ट-कुलदीप शुक्ला
मामला पहुँचा राजा के दरबार मे
न्याय के लिए दर दर की ठोकरे खा रहा है दलित परिवार।
रक्षक बने भक्षक
बाघराय प्रतापगढ़। बाघराय थाना क्षेत्र के सरैया मजरे शक रदहा निवासी चिरौन्जी लाल पासी,बिहार प्रान्त के शेख पूरा में ईट भटटा पर ठेकेदारी का काम करता था, जो प्रतापगढ़ से लेबर लेकर जाता और उनसे काम करवाता था।लेकिन इस बार भट्टा मालिक ने मज़दूरों की मजदूरी रोक लिया और यह कहकर भेज दिया कि जाओ खाते में मजदूरी का रुपया भेज दूंगा। फिर इस बार उक्त से लवर लेकर आने की बात मालिक ने कही, तब चिरौन्जी ने मजदूरी मांगा व रुपया भेजने के लिए कहा रुपया भेजने के बजाय भटा मालिक बिहार से 28 दिसंबर को आया और शकरदहा पुलिस चौकी के कुछ सिपाहियों के साथ
चिरौन्जी लाल पासी के घर धावा बोलकर दिनदहाड़े जमकर पिटाई किया। यहाँ तक कि चिरौन्जीलाल को जाति सूचक गालियां देते हुए लाठियां बरसाई पुलिस द्वारा अचानक धावा बोलने व घर की महिलाओं के बचाने पर उसकी पत्नी जरुहीन व पुत्री फुला देवी की भी जमकर पिटाई किया। उनकी पत्नी व पुत्री का आरोप है कि उन्हें बहुत ही अश्लीलतापूर्वक वगैर महिला सिपाही के चौकी के सिपाहियों ने जमकर लाठी डण्डे व लात घूसों से पिटाई कर अश्लीलता से नवाजा,चिल्लाने पर और जमकर पीटा व गाली गलौज के साथ झकझोरते हुऐ धक्का दे दिया। और मेरे पिता को चौकी ले जाकर कमरे में बंद कर खूब लाठियां बरसाई, चिरौंजी उसकी पत्नी व पुत्री ने चोट का निशान भी दिखाया। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने इतनी बुरी तरह से पिटायी किया कि महिलाओं को अंदरूनी चोटे भी आई है।आप बीती मीडिया से बताते हुए तीनो जमकर रो रहे थे। यही नही न्याय की फरियाद व अपनी पीड़ा को रविवार को राजभवन बेती में भी राजा भैया के समक्ष उठाया है। चिरौजी लाल का कहना है कि स्थानीय चौकी के पुलिसकर्मियों की बरब्ररता की शिकायत जिलाधिकारी कप्तान व मानवाधिकार आयोग से करूंगा। उक्त केसंदर्भ में सक्षम अधिकारियों से फोन पर वार्ता करने का प्रयास किया गया। लेकिन सरकारी फोन नही उठा।
