- प्रयागराज की पहली आजादी का महोत्सव धूम धाम से मनाया गया

प्रयागराज की पहली आजादी का महोत्सव आज परंपरागत तरीके से शुरू हुआ। ऐतिहासिक चौक स्थित नीम के पेड़ पर क्रांतिकारियों को पुष्पांजलि अर्पित की गई इसके पश्चात *चार कदम शहीदों के नाम*,, यात्रा नीम के पेड़ से क्रांतिकारियों के मुख्यालय खुशरूबाग तक गई।
क्रांतिकारियों शहीदों के पुण्य स्मरण कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक डॉ राकेश सिंह ने कहा कि हमें शहीदों की कुर्बानी को याद करना होगा तभी हम श्रेष्ठ भारत बना सकेंगे। हमें उन परिस्थितियों को याद रखना होगा जिन परिस्थितियों में हमारे पूर्वजों ने क्रांति की, विरोध में आवाज बुलंद की और हमें 10 दिन तक आजाद करा दिया था।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज देश का नेतृत्व करता रहा है। यहां के क्रांतिकारियों ने विद्रोह का बिगुल उस समय बजाया जब अंग्रेजों के सामने सब नतमस्तक हो चुके थे। इस तरह के कार्यक्रम जारी रखने चाहिए।जिससे लोगों को पता रहे कि हमारे पूर्वजों ने कितनी कुर्बानी दी। उन्होंने शहादत स्थल पर पुलिस द्वारा कार्यक्रम किए जाने की भी बात कही।
कार्यक्रम में आयोजक भारत भाग्य विधाता के चेयरमैन वीरेंद्र पाठक ने बताया कि किस तरह मौलवी लियाकत अली और रामचंद्र की अगुवाई में 7 जून से 16 जून तक इलाहाबाद आजाद रहा। भारतीयों ने इस दौरान अपनी सत्ता स्थापित की, और खुशरूबाग को मुख्यालय बनाकर सरकार चलाया। उन्होंने कर्नल नील के दमन पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि एक समय यहां पर अंग्रेजों ने हिंदुस्तानियों का उसी तरह शिकार किया जैसे जानवरों का शिकार किया जाता है। भारतीयों के बलिदान की चर्चा करते हुए शहीदों की शहादत दिवस पर कार्यक्रम करने की बात कही, जिससे कि लोग शहीदों के संकल्प का भारत बना सकें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आशुतोष संड ने कहा कि समय आ गया है जब हम अपने पूर्वजों के पुण्य का स्मरण अपने बच्चों तक पहुंचाएं जिससे हमारा आगे आने वाला भविष्य अच्छा हो।कार्यक्रम में राजकुमार ने मॉर्निंग वॉकर एसोसियेशन की ओर से देशभक्ति का गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सिविल डिफेंस के अनिल गुप्ता ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वागत उद्यान अधीक्षक कृष्ण मोहन चौधरी ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रमोद शुक्ला ने किया। पूर्व में नीम के पेड़ पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद चार कदम शहीदों के नाम यात्रा, बैंड बाजा के साथ भारत माता की जय की गूंज के बीच क्रांतिकारियों के मुख्यालय खुशरूबाग पहुंची। तिरंगा लहराते नौजवान और बच्चे भारत माता की जय जय कार लगा रहे थे जो आकर्षण का केंद्र बना था कार्यक्रम में कालीशंकर विनय दुबे दिलीप द्विवेदी अजय पांडे शशिकांत मिश्रा पंकज श्रीवास्तव रंजीत निषाद शिव मौर्या रवि द्विवेदी नितेश सोनी अमन श्रीवास्तव उत्तम कुमार बनर्जी रजनी सिंह विनय द्विवेदी सहित सैकड़ो लोग थे।
उल्लेखनीय है कि 7 जून से 16 जून अट्ठारह सौ सत्तावन में प्रयागराज को भारतीयों ने आजाद करा लिया था। इसी की स्मृति में 7 जून को आज ऐतिहासिक चौक के नीम के पेड़ के नीचे से क्रांतिकारियों के मुख्यालय खुसरू बाग तक मार्च निकाला गया । साथ ही खुशरूबाग में पहली आजादी महोत्सव में क्रांतिकारियों को नमन किया गया । 1857 में मौलवी लियाकत अली और रामचंद्र ने तब के इलाहाबाद को आजाद करा लिया था। भारतीयों ने शासन स्थापित कर अपना राज चलाया, अपना कोतवाल नियुक्त किया, अधिकारी नियुक्त किया। 10 दिन तक राज किया। बाद में अंग्रेजों ने दमन पूर्वक सत्ता प्राप्त की।
प्रयागराज जोन के पुलिस महानिरीक्षक डॉ राकेश सिंह की अगुवाई में पुलिस बैंड, घोड़ा के साथ हिंदू मुस्लिम सभी नागरिक इस मार्च में शामिल हुए। क्रांतिकारियों के पुण्य स्मरण के पश्चात कार्यक्रम समाप्त हुआ।
