आर्य कन्या डिग्री कालेज में आयोजित सार्थक स्वर्ण जयंती समारोह के छठवें दिन महाविद्यालय परिसर में पुराछात्राओं के नाम रही

प्रयागराज.आर्य कन्या डिग्री कालेज में आयोजित सार्थक स्वर्ण जयंती समारोह के छठवें दिन महाविद्यालय परिसर में पुराछात्राओं ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से शमा बांधा। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। तत्पश्चात महाविद्यालय की गरिमा के अनुरूप कुलगीत व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय की पांच दशकों की यह यात्रा केवल समय की यात्रा नहीं है। यह नारी शिक्षा, संस्कार और महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय है। मुख्य अतिथि कौशल्या नन्दगिरी (टीना मा), राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि आर्य कन्या महाविद्यालय निःशक्त, निम्न वर्ग एवं समाज के पिछडे वर्ग की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान करके उच्च प्रस्थिति प्रदान करता है। उन्होंनें छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किन्नर छात्र भी इस महाविद्यालय का हिस्सा बने। विशिष्ट अतिथि डीसीपी प्रोटोकॉल प्रयागराज पंकज पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि छात्राओं आपके अन्दर की दृढ़ इच्छाशक्ति ही जीवन की सफलता एवं सम्मान का साधन है। पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी आर.एस. वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह महाविद्यालय शिक्षा एवं संस्कार की दृष्टि से सदैव उत्कृष्ट रहा है। यहां का पिछले एक दशक का परिवर्तन अद्वितीय है।
कार्यक्रम का संचालन चीफ प्राक्टर डॉ० रंजना त्रिपाठी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्या प्रो० अर्चना पाठक ने किया। आज के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण का केन्द्र पुराछात्राओं के द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति रही। कॉलेज की चीफ प्रॉक्टर डॉ० रंजना त्रिपाठी ने अपने गायन से सबका मन मोह लिया। जिसमें विशेष रूप से उपप्राचार्या प्रो० इभा सिरोठिया द्वारा ‘श्रीराम चन्द्र कृपालु भजु मन’ पर कथक नृत्य, स्मृति गुप्ता द्वारा शिवाष्टकम् पर नृत्य, सरगम मिश्रा द्वारा मधुराष्टकम् पर नृत्य, साक्षी, रत्ना एवं सोनम द्वारा भांगड़ा नृत्य, रूपाली शर्मा द्वारा लोकगीत, शिखा, नेहा, वर्षा द्वारा ‘केसरिया बालम’ गीत एवं वर्षा मिश्रा द्वारा कथक नृत्यों की श्रृंखला रही। बताते चलें कि महाविद्यालय में प्रतिदिन की भाँति आज भी प्रातःकाल यज्ञ का आयोजन हुआ। यह यज्ञ दिनांक 12 सितम्बर से प्रतिदिन महाविद्यालय परिसर में स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में चल रहा है।
कार्यक्रम में प्रो० शेखर श्रीवास्तव, विदुप अग्रहरि, रवीन्द्र नाथ जायसवाल, पी. एन. मिश्र, अरुणेश जायसवाल, सलाहकार डॉ० ममता गुप्ता, प्रो० अंजू श्रीवास्तव, प्रो० नीलांजना जैन, डॉ० निशा खन्ना, डॉ० मुदिता तिवारी, डॉ० अमित पाण्डेय, डॉ० अमित मिश्र, डॉ० सव्य सांची त्रिपाठी, डॉ० प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ० राधा रानी सिंह, डॉ० चित्रा चौरसिया, डॉ० दीपशिखा पाण्डेय, डॉ० स्मिता, डॉ० नाजनीन फारूकी, डॉ० शशि कुमारी, डॉ० सोनमती पटेल, डॉ० सुधा कुमारी, डॉ० भारती देवी, डॉ० किरन मिश्रा, डॉ० रागिनी आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्रायें मौजूद रहीं।
