वाराणसी में अधिवक्ताओं पर अत्याचार का मामला………
अधिवक्ताओं पर हुए अत्याचार की हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने की निंदा

अपर पुलिस उपायुक्त नीतू कादयान के खिलाफ बार कौंसिल से कार्यवाही कराए जाने की मांग
प्रयागराज। वाराणसी में जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा किए गए अत्याचार के विरोध में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक रविवार को नए पदाधिकारी कक्ष में हुई। जिसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पाण्डे और संचालन महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने किया। बैठक में वाराणसी में अधिवक्ताओं पर हुए पुलिस अत्याचार और पुलिस जैसी अनुशासित फोर्स के परिजनों द्वारा अपनी गलती को छिपाने के लिए सड़क पर राजनीति करने को अनुचित बताया गया। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा पुलिस के व्यवहार की घोर निन्दा की गई। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद ने
वाराणसी बार एसोसिएशन और उसके आन्दोलन को लेकर अपना समर्थन प्रदान करने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही साथ प्रशासन से मांग की है कि प्रकरण का सन्तोष जनक निस्तारण यथाशीघ्र किया जाए। अन्यथा अधिवक्ता प्रदेश स्तर पर आन्दोलन करने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही राज्य विधिज्ञ परिषद, उत्तर प्रदेश से अपेक्षा की गई है कि सम्पूर्ण प्रकरण पर विचार कर यथाशीघ्र उचित निर्णय ले। क्योंकि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की निरन्तर मांग की जा रही है। इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कार्यकारिणी द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अपर पुलिस उपायुक्त (आईपीएस) नीतू कादयान की अनर्गल और हल्की बातों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री से मांग किया जाए कि एडीसीपी के विरूद्ध त्वरित प्रशासनिक कार्यवाही की जाए। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के के द्विवेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित कुमार सिंह, विवेक मिश्र, संयुक्त सचिव पुस्तकालय शशि कुमार द्विवेदी, संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पाण्डेय, कोषाध्यक्ष अंजनी कुमार मिश्र, कार्यकारिणी सदस्य अंजली सिंह तोमर, कनक कुमार त्रिपाठी, दिवांशु तिवारी, बलदेव शुक्ल, अभिषेक तिवारी, अखण्ड प्रताप त्रिपाठी, गया प्रसाद मिश्र, गिरीश चन्द्र शुक्ला, अनिरूद्ध सिंह, अवनीश चन्द्र त्रिपाठी, कृष्ण मोहन पाण्डेय उपस्थित रहे। यह जानकारी संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पाण्डेय ने दी।
