Thursday, January 29Ujala LIve News
Shadow

मूलवंशज डॉ०बी०के०कश्यप “निषाद”ने सपरिवार किये अयोध्या में श्री राम के दर्शन

  1. मूलवंशज डॉ०बी०के०कश्यप “निषाद”ने
    सपरिवार किये अयोध्या में श्री राम के दर्शन

श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर प्रांगण में “निषादराज गुह्य” की प्रतिमा स्थापित


प्रयागराज अयोध्या धाम,“शारदीय नवरात्रि” के अवसर पर मैत्रेय भाव को प्रगाढ़ता प्रदान करतीं श्रीराम बालसखा “निषादराज गुह्य” की प्रतिमा अयोध्या धाम में स्थित श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर प्रांगण स्थापित कर मन्दिर प्रशासन ने निषाद समुदाय को सम्मान प्रदान करने का महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कार्य किया जिस हेतु निषादराज गुह्य के वंशज डॉ०बी०के०कश्यप “निषाद” ने सजल नेत्रों से प्रभु श्रीराम का आभार व्यक्त किया और मन्दिर प्रशासन को धन्यवाद दिया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव एवं दूरदर्शी विचारों के मर्मज्ञ श्रद्धेय श्री चंपत राय एवम् तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टियों के सर्वसम्मति से श्रीराम जन्मभूमि प्रांगण में श्रृंग्वेरपुर नरेश एवम् प्रभु श्रीराम सखा निषादराज गुह्य की मनहर प्रतिमा स्थापित कर मैत्रेय भाव सहित समस्त निषाद समाज के मान को उत्कर्ष प्राप्त हुई जो यह सिद्ध करता है कि, नि:स्वार्थ समर्पण एवं अपनत्व भाव के बीज युगों युगों तक पुष्पित व पल्लवित होती रहती है जो इतिहास की पुनरावृत्ति भी करतीं हैं ।
उक्त दिव्य आयोजन में श्रृंग्वेरपुर महाराज निषादराज गुह्य के मूल वंश डॉ०बी०के०कश्यप “निषाद” को सपरिवार को श्रीराम जन्मभूमि प्रांगण में विग्रह स्थापना के धार्मिक अनुष्ठान में आमंत्रित किया गया।
डॉ०बी०के०कश्यप “निषाद” के द्वारा प्रभु श्रीराम को “छप्पन भोग” अर्पित करते हुए कहा कि, प्रभु श्रीराम के श्रृंग्वेरपुर आगमन पर परिस्थितिवश हमारे पूर्वजों द्वारा अर्पित अन्न ग्रहण नहीं किया था जिसकी पीडा़ “बालसखा” निषादराज गुह्य के हृदय में स्थापित हो गयी, किन्तु एक युग के पश्चात् आज प्रभु ने स्वयं गुह्य राज के वंशजों को अयोध्या धाम में बुला भेजा तथा बालसखा को प्रतिमा स्वरूप अपने समक्ष स्थान देते हुए अन्न सहित “छप्पन भोग” को स्वीकार कर निषादराज गुह्य एवं उनके वंशजों को धन्य धन्य कर मित्र व मित्रता के भाव को इतिहास के पृष्ठों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित कर दिया ।
निषादराज गुह्य प्रतिमा स्थापना तथा छप्पन भोग अर्पण अनुष्ठान में निषादराज के वंशजों में प्रमुख रूप से डॉ०बी०के०कश्यप “निषाद”
राजमाताश्री निर्मला देवी, कुलवधू रीता निषाद, राजकुमार अथर्व निषाद, वैश्विक प्रचार-प्रसार मंत्री राजुल शर्मा, राज्य प्रशासनिक अधिकारी रजत शर्मा,….. …. सारथी संदीप, श्रृंग्वेरपुर ‘अमात्य’ अवधेश निषाद व राज्य अतिथि विश्व प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ स्वामीश्री योगमाता, स्वामीश्री प्रकाशानंन्द जी महाराज सहित वृहद संख्या में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पधारे निषाद समुदाय व श्रृंग्वेरपुर की प्रजाजनों की उपस्थिति रहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *