सांस्कृतिक चेतना शक्ति द्वारा मेहंदी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

बालिकाओं एवं महिलाओं की सृजनात्मक प्रतिभा ने बिखेरे रंग
विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत की शाखा सांस्कृतिक चेतना शक्ति के तत्वावधान में प्रयागराज में एक भव्य मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन कला संवर्धन, नारी सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
कार्यक्रम में बालिकाओं और महिलाओं ने अपनी सृजनात्मकता, सौंदर्यबोध और पारंपरिक कलात्मकता से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता को दो वर्गों में विभाजित किया गया — जूनियर वर्ग और सीनियर वर्ग, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
जूनियर वर्ग के परिणाम
जूनियर वर्ग की बालिकाओं ने आकर्षक डिजाइनों से मेहंदी कला की अद्भुत झलक प्रस्तुत की।
परिणाम इस प्रकार रहे —
प्रथम स्थान: सुहानी प्रजापति
द्वितीय स्थान: सान्वी निषाद
तृतीय स्थान: तनु श्रीवास्तव
इसके अतिरिक्त सरस्वती पांडे, शीला राजपूत, अंजु त्रिपाठी और संध्या मिश्रा ने भी उत्कृष्ट प्रस्तुति से सबका ध्यान आकर्षित किया।
रनर-अप प्रतिभागी: शगुन सोनी एवं मानसी भारती रहीं।
सीनियर वर्ग के परिणाम
सीनियर वर्ग की प्रतियोगियों ने पारंपरिकता और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।
परिणाम इस प्रकार रहे —
प्रथम स्थान: फरहीन खान
द्वितीय स्थान: स्वीटी
तृतीय स्थान: सिमरन
सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतियोगियों को मोमेंटो (स्मृति चिन्ह) देकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
सम्मान वितरण एवं मुख्य अतिथि
विजेताओं को सम्मानित करने के लिए ब्लेज़ चिल्ड्रेन स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती जूही जायसवाल एवं उनकी टीम ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा —
> “इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन न केवल बालिकाओं में कला के प्रति अभिरुचि जागृत करते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और भारतीय मूल्यों का भी विकास करते हैं।”
आयोजन एवं सहयोग ~
कार्यक्रम का सफल संचालन सांस्कृतिक चेतना शक्ति की अध्यक्ष श्रीमती पूनम तिवारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत की मुख्य टीम से —
डॉ. राहुल शुक्ल ‘साहिल’ (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष),
साकिब सिद्दीकी ‘बादल’ (प्रदेश अध्यक्ष),
संध्या कनौजिया (अध्यक्ष – युवा चेतना शक्ति),
मिथिलेश विश्वकर्मा, कान्तिप्रभा शुक्ला, अन्नु विश्वकर्मा, प्रीति श्रीवास्तव, आरती पाल, राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी, सोनी त्रिपाठी, गरिमा शुक्ला, सोनी विश्वकर्मा, एवं अन्य सक्रिय सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण के साथ-साथ बालिकाओं में सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ। सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों ने इस आयोजन को एक स्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में सराहा।
