संतोष कुमार त्रिपाठी सहित 90 अधिवक्ताओं को सीनियर एडवोकेट का दर्जा,दशकों बाद पांच महिला अधिवक्ता हुई शामिल

प्रयागराज.एक ऐतिहासिक कदम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने इलाहाबाद और लखनऊ खंडपीठ से कुल 90 प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं को सीनियर एडवोकेट का दर्जा प्रदान किया है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश की न्यायिक परंपरा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। खास बात यह है कि दशकों बाद पांच महिला अधिवक्ताओं को यह सम्मान प्राप्त हुआ है, जो न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सम्मान का प्रतीक है।
इस सूची में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संतोष कुमार त्रिपाठी,आरती राजे और लखनऊ खंडपीठ की अधिवक्ता अल्का वर्मा शामिल हैं.सभी अपने उत्कृष्ट कानूनी ज्ञान, अनुभव और न्याय के प्रति समर्पण के लिए जानी जाते हैं।
इन नियुक्तियों को उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ द्वारा आयोजित बैठक में अंतिम रूप दिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश ने की। इस प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की योग्यता, नैतिकता, अनुभव और बार के प्रति योगदान को प्रमुख आधार बनाया गया। इस निर्णय के साथ इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने न केवल वरिष्ठ अधिवक्ताओं की निष्ठा और योगदान को मान्यता दी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
